विद्यालय में बच्चों का अनुशासन व शिक्षा के प्रति लगन देख गदगद हुए जिलाधिकारी

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मेरठ, 31 अगस्त।    प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षणरत् छात्र-छात्राओं को शासन द्वारा उपलब्ध करायी जा रही पाठ्य पुस्तकें, यूनिफार्म, बैग, जूता मौजा एवं मिड-डे मिल की स्थिति को धरातल पर परखने हेतु आज जिलाधिकारी अनिल ढींगरा ने मेरठ विकास खण्ड के ग्राम फफूंडा में संचालित प्राथमिक विद्यालय प्रथम का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने शिक्षक की भूमिका में छात्र-छात्राओं से हिन्दी, गणित के प्रश्न पूछे व ब्लैड बोर्ड पर गणित के गुणा भाग के सवाल निकलवाकर व कविता तथा 13 व 19 का पहाड़ा सुनकर उनका शैक्षिक ज्ञान परखा। जिलाधिकारी छात्र-छात्राओं में अनुशासन व आत्मविश्वास एवं प्रश्न का उत्तर देने की होड देखकर गदगद नजर आये। उन्होंने इसके लिए विद्यालय की प्रधानाध्यापिका डा0 कौसर जहां व अन्य सहायक अध्यापिकाओं की सराहना की।

 

जिलाधिकारी ने विद्यालय की अलग-अलग कक्षाओं में छात्र-छात्राओं से रुबरु होकर मिड-डे-मिल के अन्तर्गत उन्हें दिया जा रहे मैन्यू के अनुरुप भोजन की भी विस्तृत जानकारी प्राप्त की तथा विद्यालय में प्रदान की जा रही सुविधाओं के बारे में भी जाना।
निरीक्षण के दौरान विद्यालय में जो पाठ्य पुस्तकें, यूनिफार्म, मोजे व बैग आदि जो वितरण प्राप्त हुए है उसका बच्चों में वितरण होना पाया गया जिसके सम्बंध में बच्चों से वार्ता कर जानकारी ली गयी। विद्यालय अध्यापिकाओं ने बताया कि अभी बच्चों को वितरण हेतु विज्ञान व अंग्रेजी की पुस्तकें प्राप्त नहीं हुई है जैसे ही प्राप्त होंगी उन्हें वितरित किया जायेगा। निरीक्षण के दौरान पाया कि विद्यालय में कक्षा 01 से 05 तक कक्षाओं में कुल 376 छात्र-छात्रायें पंजीकृत हैं, जिसके सापेक्ष आज 302 छात्र-छात्रायें उपस्थित रहे। जिलाधिकारी ने विद्यालय में करायी गयी आकर्षक वाॅल पेटिंग व स्वच्छता तथा विद्यालय में स्मार्ट क्लास द्वारा बच्चों को शिक्षा प्रदान कराये जाने की सराहना की। विद्यालय में प्रधान अध्यापिका सहित कुल 10 सहायक अध्यापक कार्यरत हैं।

विद्यालय की प्रधानाध्यापिका डा0 कौसर जहां ने बताया कि विद्यालय में बच्चों के दाखिले की और मांग है किन्तु विद्यालय में पर्याप्त कक्ष न होने के कारण दाखिले नहीं किये जा रहे हैं, जो कक्ष उपलब्ध हैं उनकी क्षमता अनुरूप बच्चे पूर्ण है। उन्होंने जिलाधिकारी से विद्यालय में दो अतिरिक्त कक्ष बनवाने हेतु धन आवंटन की मांग की जिससे विद्यालय में दाखिले लेने के इच्छुक बच्चों को भी प्रवेश दिया जा सके। इस पर जिलाधिकारी ने समुचित कार्रवाई कराने हेतु आश्वस्त किया।
जिलाधिकारी ने सभी अध्यापकगणों द्वारा विद्यालय में छात्र-छात्राओं को दी जा रही शिक्षा की सराहना करते हुए उन्हें निर्देशित किया कि छात्र-छात्राएं देश के भावी नागरिक हैं जिनकी बेसिक शिक्षा की जड़ जितनी मजबूत होगी वह उतनी ही स्तरीय शिक्षा प्राप्त कर देश व प्रदेश की उन्नति में योगदान कर अपने अभिभावकों का नाम रोशन करेंगे। उन्होंने अध्यापकों से शिक्षा के प्रति सजग व अनुशासित रहकर बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने का आहवान किया तथा सभी अध्यापकगण इस विद्यालय को शिक्षा के माॅडल के रूप में विकसित करें ताकि अन्य विद्यालय भी प्रेरणा ले सकें।

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