अवैध हिरासत में रखना एसओ को महंगा पड़ा

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दोघट (बागपत) 12 अगस्त। गांगनौली गांव में दो साल पहले पांच लोगों की हत्या के मामले में ग्राम प्रधान की बेटी को अवैध हिरासत में रखना तत्कालीन एसओ दोघट को महंगा पड़ गया। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने तत्कालीन एसओ पर दो लाख रूपये का जुर्माना लगाया है।

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आयोग ने डीजीपी से एसओ के खिलाफ कार्रवाई की आख्या मांगी है। गांगनौली में अक्तूबर 2016 में सविता, उसकी बेटी, उसके पिता व दो पुलिस कर्मियों की हत्या कर दी गयी थी। इस मामले में मृतक पक्ष की तरफ से एक लाख के इनामी रहे प्रमोद राठी गांगनौली के भाई प्रवीण को नामजद कराया गया था।

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हाल में प्रवीण की मां सुभाषन देवी गांव की प्रधान है। पुलिस ने प्रवीण पर दबाव बनाने के लिए उसकी बहन रीना को 21 अक्तूबर 2016 को बेगमाबाद गढ़ी स्थित उसकी ससुराल से हिरासत में लिया था और तीन दिनों तक थाने में अवैध रूप से हिरासत में रखा।

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