हिमाचल में 495 सड़कें अभी भी बंद, बसों के 868 रूट प्रभावित

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हिमाचल में कई जगह भले ही भारी बारिश का दौर थम गया है, लेकिन पिछले 48 घंटों के दौरान आसमान से बरसी आफत से बनी दुश्वारियां अभी कम नहीं हुई हैं।
मंगलवार को भी बारिश से कांगड़ा और मंडी जिले के सुंदरनगर में दो लोग बह गए, जिनमें कांगड़ा जिले में नाले में बहे बच्चे का शव तो बरामद कर लिया गया, लेकिन सुंदरनगर में बहे व्यक्ति का शव बरामद नहीं किया जा सका।

बीते दिन कुदरत के कोहराम से सहमे प्रदेश में जनजीवन अभी पटरी पर नहीं आ सका। मंगलवार को भले ही कई सड़कें खोल दी गईं, लेकिन अभी भी प्रदेश में 495 छोटी-बड़ी सड़कें बंद हैं। बसों के 868 रूट प्रभावित है।

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पांच नेशनल हाईवे बीच में अभी तक अवरुद्ध हैं। जिला हमीरपुर में मटौर-शिमला एनएच भोटा के पास सोमवार को कुनाह पुल के क्षतिग्रस्त होने के कारण बंद पड़ा है।

शिमला-चंडीगढ़ मार्ग पर करीब 30 किलोमीटर का हिस्सा पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया है। भरमौर-पठानकोट राष्ट्रीय उच्च मार्ग राष्ट्रीय उच्च मार्ग के केरू पहाड़ पर भारी भरकम भूस्खलन होने से बाधित है। मंगलवार को भी प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में कई मकानों के गिरने के सूचना है।

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प्रदेश में परिवहन व्यवस्था अभी तक पटरी पर नहीं लौट पाई है। प्रदेश में बसों के 868 रूट प्रभावित हैं। इनमें ज्यादातर रूट ग्रामीण क्षेत्रों के हैं। अप्पर शिमला, पांवटा और धर्मशाला के लिए सुबह ट्रायल के तौर पर बसें भेजी गईं।

भू-स्खलन के चलते कई बसें सड़कों में फंसी हैं। एचआरटीसी प्रबंधन ने चालकों और परिचालकों को बस चलाते वक्त किसी तरह का जोखिम न लेने के निर्देश दिए हैं।

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परिवहन निगम के 27 डिपो में 30 से 35 रूट प्रभावित हुए हैं। प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना में बनी कच्ची सड़कों पर आगामी दो दिन बाद ही परिवहन सेवाएं शुरू हो सकेंगी।

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