Movie Review: दिलजीत दोसांझ बने एक्टिंग के ‘सूरमा’, जानें कैसी है फिल्‍म

27
loading...

नई दिल्‍ली: इन दिनों Box office पर Biopics का ही बोलबाला है और इसी क्रम में एक और Biopic film ‘सूरमा’ आज release हो गई है. भारत में स्‍पोर्ट्स वैसे भी काफी पसंद किया जाता है और अगर खेल पर कोई फिल्‍म बनाई जाए तो फिर दर्शकों के लिए जैसे सोने पर सुहाना हो जाता है. ‘सूरमा’ की कहानी हॉकी के खिलाड़ी संदीप सिंह की है, जिनकी जिंदगी का संघर्ष काबिले तारीफ है. इस फिल्‍म में एक्‍टर दिलजीत दोसांझ और तापसी पन्नू की जोड़ी साथ नजर आई है. इसके साथ ही इस फिल्‍म से ही बॉलीवुड एक्‍ट्रेस चित्रांगदा सिंह भी पहली बार प्रोड्यूसर बन रही हैं.

कहानी
‘सूरमा’ की कहानी शुरू होती है एक महिला Hockey player हरप्रीत कौर (तापसी पन्नू) की आवाज से, जो हरियाणा के शाहाबाद के संदीप सिंह की कहानी की शुरुआत करती हैं. अपने कोच की सख्ती की वजह से 9 साल की उम्र में ही संदीप का मन Hockey से उचट जाता है और वह खेलना छोड़ देता है. लेकिन बड़े होने पर उसे एक लड़की से प्‍यार होता है और इसी लड़की के प्‍यार के लिए वह फिर से Hockey Stick उठाता है. इस खेल में वह इतनी मेहनत करता है कि India के लिए भी खेलता है. लेकिन इस बीच एक हादसे के चलते संदीप को गोली लगती है और वह व्‍हीलचेयर पर आ जाते हैं. लेकिन wheelchair पर आने के बाद भी संदीप अपना हौसला नहीं खोता और एक बार फिर देश के लिए खेलने की उम्‍मीद अब भी उसके मन में हैं.

इसे भी पढ़िए :  फिल्म हिंदी मीडियम 2 की कास्ट फाइनल, राधिका मदान और करीना की हुई एंट्री...

यानी इस Story में प्‍यार के लिए एक खेल सीखने से लेकर उस खेल के जिंदगी बनने तक सबकुछ है. इस कहानी में संदीप सिंह के बड़े भाई का काफी अहम किरदार है, जो अपने भाई की इस प्रतिभा को पहचानता है और उसकी हर संभव मदद करता है. बड़े भाई का किरदार अंगद बेदी ने निभाया है. निर्देशक शाद अली की इस कहानी में काफी कुछ है और उसे काफी अच्‍छे से दिखाने की कोशिश भी की गई है. कहानी की रफ्तार ठीक है, हालांकि First Half में इसे थोड़ा तेज किया जा सकता था. फिल्‍म मे दिलजीत दोसांझ दिल जीतते हैं. उन्‍हें पर्दे पर देखकर मजा आता है. वहीं उनके Coach के किरदार में Actor विजय राज ने अच्‍छा किरदार निभाया है. फिल्‍म के Dialogues काफी अच्‍छे हैं जो आपको पसंद आएंगे.

इसे भी पढ़िए :  Valentine day के दिन अपने प्यार को दें यह प्यारा सा उपहार

फिल्‍म का संगीत ठीक है और Film की रिदम के साथ चलता है. इस फिल्‍म की एक कमी है इसके Match के scene. अक्‍सर ऐसी फिल्‍मों यह सीन सबसे ज्‍यादा Excitement पैदा करते हैं, लेकिन उस मामले में Film थोड़ी कमजोर बन पड़ी है. फिल्‍म के Climax में भी वह रोमांच महसूस नहीं होता जो होना चाहिए.

इसे भी पढ़िए :  टाइगर श्रॉफ और दिशा पटानी के Valentine post ने internet को कर दिया confuse, देखें Video

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

twenty + 15 =