रीयल एस्टेट क्षेत्र में आठ फीसद तक घट गई हैं नौकरियां

21
loading...

बेंगलुरु। रीयल एस्टेट (नियमन और विकास) अधिनियम (रेरा) 2016 के कार्यान्वयन के बीच देश में रीयल एस्टेट क्षेत्र में नौकरियों में कमी दर्ज की गई है। एक रिपोर्ट में बताया गया कि मई (2017) से इस साल मई के बीच एक साल पहले की समान अवधि की तुलना में इस क्षेत्र में नौकरियों में 8 फीसद की कमी दर्ज की गई है। नियंतण्र नौकरी वेबसाइट इनडीड के आंकड़ों के मुताबिक रीयल एस्टेट क्षेत्र में नौकरियों की तलाश समीक्षाधीन अवधि में 8 फीसद बढ़ी है, लेकिन नौकरियां 8 फीसद घट गई है। सरकार ने रेरा लागू करते हुए वादा किया था कि इससे रियल एस्टेट क्षेत्र और नियमित और पारदर्शी बनेगा, जिससे नौकरी तलाशने वालों का इस क्षेत्र में विास पैदा हो। लेकिन इस क्षेत्र को मंदी से उबरने में लग रही देरी से यह संकेत मिलता है कि रीयल एस्टेट क्षेत्र अभी नए कानून के लागू होने के बाद स्थिर होने में समय ले रहा है।इनडीड इंडिया के प्रबंध निदेशक एस. कुमार ने कहा, ‘‘रेरा अधिनियम को लागू करना रीयल एस्टेट क्षेत्र के संबंध में सरकार के सबसे महत्वपूर्ण नियामक कदमों में से एक है। बड़े पैमाने पर असंगठित रीयल एस्टेट क्षेत्र अब रेरा की शुरुआत के बाद अधिक पारदर्शी, बेहतर संगठित और कहीं अधिक जवाबदेह बन गया है। हालांकि यह क्षेत्र अभी रेरा नियमों के हिसाब से व्यवस्थित हो रहा है, लेकिन अधिनियम के निर्धारित अनुपालन और विनियमों के लागू से रीयल एस्टेट क्षेत्र में संभावित नौकरी के अवसरों में बढ़ोतरी की उम्मीद है।’इनडीड के आंकड़ों से पता चलता है कि देश में रीयल एस्टेट क्षेत्र में सबसे ज्यादा नौकरियों के अवसर नोएडा में हैं, उसके बाद मुंबई है, जो देश की वित्तीय राजधानी है। सिलिकॉन वैली सिटी बेंगलुरु तीसरे स्थान पर है। रीयल एस्टेट क्षेत्र में नौकरी की तलाश करने वालों में सबसे अधिक 36-45 उम्र के लोग है। जबकि युवाओं का इस क्षेत्र में नौकरी तलाशने में झुकाव कम ही है। साथ ही एक दिलचस्प रुझान यह देखने को मिला कि इस क्षेत्र में 51-65 उम्र के लोग भी सक्रिय रूप से नौकरी तलाशते हैं।

इसे भी पढ़िए :  Pulwama Attack: प्रयागराज से जबलपुर ले जा रहे थे शहीद जवान का शव, कटनी में रुके तो उमड़ पड़ी भीड़

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

five × one =