पाॅलीथीन पर रोक के लिये जुर्माने से ज्यादा सोच को मजबूत बनाना होगा

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यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी द्वारा प्रदेश में पाॅलीथीन के इस्तेमाल पर रोक लगाने के लिये काफी प्रभावशाली कदम उठाए गए हैं। जिसके तहत निर्धारित तारीख के बाद इनके उपयोग पर 50 हजार रूपये का जुर्माना लगाने की बात की जा रही है। बताते चले कि यूपी की पूर्व अखिलेश सरकार द्वारा दिसंबर 2015 में पाॅलीथीन के कैरीबेग्स पर प्रतिबंध लगाने के आदेश दिए गए थे जो बाद में फाईलों में दबकर रह गए। अब माननीय मुख्यमंत्री द्वारा प्लास्टिक के गिलास व पाॅलीथीन का इस्तेमाल किसी भी स्तर पर न होने देने की बात कहीं जा रही है। मेरा मानना है कि यह प्रयास पूर्ण रूप से सही है क्योंकि प्लास्टिक जलाओ तो भी नुकसान है और अगर जमीन में दबाया गया तो भी हानिकारक है। इसलिये प्रतिबंध लगाने के साथ साथ सरकार को कुछ ऐसी व्यवस्था करनी चाहिये जिससे बेकार हुए प्लास्टिक को पूरी तौर पर समाप्त किया जा सकें और कुछ ऐसी व्यवस्था भी सरकार करें कि इनके स्थान पर सस्ते और टिकाउ तथा सुंदर व बाजार में आसानी से उपलब्ध हो जो हर आदमी खरीदकर उसमे सामान ला सकें अथवा दुकानदार अपने पास से प्लास्टिक के थेैले के स्थान पर कपड़े के बैग सामान के साथ दे सकें। रही बात 15 जुलाई से इस पर पूर्ण प्रतिबंद की तो इसके लिये माननीय मुख्यमंत्री की प्रशंसा की जानी चाहिये क्योंकि वैज्ञानिकों के अनुसार प्लास्टिक का उपयोग हर प्रकार से मानव जीवन के लिये तथा पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिये बाधा पहुंचाने वाला है।
इसलिये जितनी जल्दी हो इससे छुटकारा मिल सकें उसके प्रयास होने चाहिये। अपने बच्चांे के उज्जवल भविष्य व उन्हे निरोगी रखने हेतु। मेरा मानना है कि पाॅलीथीन बैग पर जुर्माने से ज्यादा सोच को मजबूत बनाना होगा क्योंकि सजा और जुर्माने की व्यवस्था बहुत से मामलो में है लेकिन वो रूकने के बजाए बढ़ते ही जा रहे हैं।

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-निवेदक
रवि कुमार बिश्नोई
राष्ट्रीय अध्यक्ष
आॅल इंडिया न्यूज पेपस एसोसिएशन आईना

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