कुर्ता पायजामा पहनने पर गोल्फ क्लब लखनउ प्रकरण ड्रैस कोड समाप्त हो, क्लब सचिव आदि के विरुद्ध

loading...

अपने पुत्र के कोच के साथ लखनउ स्थित गोल्फ क्लब में डिनर के लिये कुर्ता पयजामा पहनकर गए चंदौली के न्यायायिक अधिकारी को डेªसकोड के नाम पर रिसेप्शन पर बैठे व्यक्ति द्वारा रोक दिया गयां सोशल मीडिया पर यह खबर वायरल होने के बाद क्लब के सचिव रजनीश चैपड़ा का कहना है कि हमारे क्लब का ड्रैस कोड है जिसके साथ ही यहां क्लब के सदस्यों को ही एंट्री मिलती है और खाने की सुविधा दी जाती है। अगर ऐसा हुआ तो वो क्लब के नजरिए से गलत नहीं है। दूसरी ओर हजरतगंज के क्षेत्राधिकारी श्री अभय कुमार का इस संदर्भ में कहना है कि यहां ऐसा कोई हंगामा नहीं हुआ।
कुछ दिन पूर्व एक वीआईपी के साथ मद्रास के एक क्लब में भी ऐसा हो चुका है और अब खासकर यूपी की राजधानी लखनउ स्थित गोल्फ क्लब में जो हुआ उसे ठीक नहीं कहा जा सकता।
मेरा मानना है कि केंद्र व प्रदेश में जो सरकार चल रही है वो शायद अंग्रेजों के द्वारा निर्धारित इस प्रकार के अनावश्यक नियमों से भी अनभिज्ञ है वरना इन्हे कभी का समाप्त कर दिया जाता। क्योंकि आजादी के बाद से वर्तमान में सरकार चला रही पार्टी द्वारा भारतीय सभ्यता को भरपूर बड़ावा दिया जाता रहा है और कुर्ता पायजामा पहनाने के दृष्टिकोण से अपने देश में महत्वपूर्ण है। और शायद ऐसे नियमों को पूर्व सरकारें भी सही नहीं ठहरा सकती। क्योंकि उनकी तो पार्टी का कुर्ता पायजामा व कुर्ता धोती पहनावा तो महत्वपूर्ण है।
क्लब के सदस्यों को वहां खाने की सुविधा हों यहां तक तो ठीक है। क्योंकि अगर हर व्यक्ति को अंदर जाने और खाना खाने की छुट दे दी जाएगी तो क्लब के सदस्यों का क्या महत्व रह जाएगा। उसकी गरिमा समाप्त होगी और अनुशासन हीनता भी फैल सकती है। लेकिन ड्रेस कोड नाम की चीज अब अपने देश के क्लबों व अन्य जगहों पर अथवा पार्टियों में समाप्त होनी चाहिये क्योंकि कपड़े अपनी पसंद के पहनना हमारा मानवीय अधिकार है। हम क्या खाएंगे क्या पहनेंगे इसमे कोई दखलअंदाजी किसी की नहीं होनी चाहिये। अगर यह सब संविधान के तहत हो तो।
और वैसे भी एक खबर के अनुसार यह पूछे जाने पर कि प्रधानमंत्री जी तो कुर्ता पायजामा पहनते हैं और अगर वो क्लब में आएंगे तो क्या उन्हे भी इस तरह रोक दिया जाएगा का उत्तर न तो रिसेप्सनिस्ट पर और न ही क्लब के सचिव के पास था जो यह दर्शाता है कि यहां कुछ मामलों में कई मौके पर दोहरी नीति भी अपनाई जाती होगी वरना इस प्रश्न का उत्तर दोनों के द्वारा तुरंत दिया जाता।
मेरा केंद्र व सभी प्रदेशों की सरकारों के न्याय मंत्रियों से यह आग्रह है कि वो अपने प्रभाव के उपयोग कर प्रतिष्ठित और जिम्मेदार नागरिकों के साथ विभिन्न क्लबों में ड्रैस कोड के नाम पर होने वाली अभद्रता को रोकने हेुत अपनाए जा रहे तरीकों को गंभीरता से लें और ड्रैस कोड की आवश्यकता की अनिवार्यता को समाप्त किया जाए तथा इस संदर्भ में हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी और यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी जो भारतीय परम्पराओं व सिद्धांतों को मजबूती से लागू करने के लिये प्रयास रत है को इस ओर ध्यान देकर अंग्रेजी मानसिकता के गुलाम बने कुछ क्लबों के नियमों में शामिल ड्रैस कोड की परम्परा को तुरंत समाप्त कराए। और एक न्याययिक अधिकारी के साथ जो क्लब के सचिव और रिसेप्निस्ट द्वारा किया गया उसके लिये उनके खिलाफ भारतीय परम्परा और संस्कृति का अपमान करने हेतु कार्रवाई की जाए क्योंकि कुर्ता पायजामा हमारी भारतीय संस्कृति का यह प्रतीक है। आज एक न्यायिक अधिकारी इस ड्रैस कोड को लेकर कहने के लिये मजबूर हुआ कि कुर्जा पायजामा पहनने पर लज्जा हुई। कल को अंग्रेजी मानसिकता के कुछ लोगों के कारण ऐसी और भी घटनाएं हो सकती है। जिन्हे ठीक नहीं कहा जा सकता। भारतीय परम्पराओं को ध्यान में रखते हुए इस संदर्भ में शीघ्र प्रभावी कदम हर स्तर पर उठाए जाने चाहिये।

इसे भी पढ़िए :  नेहा धूपिया बनी मां, रविवार सुबह बच्ची को दिया जन्म

-निवेदक
रवि कुमार बिश्नोई
राष्ट्रीय अध्यक्ष
आॅल इंडिया न्यूज पेपस एसोसिएशन आईना

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

12 + seventeen =