प्रदेश में 25000 ई-रिक्शा चलाएगी ईआईएल, परियोजना से राज्य में मिलेंगे 50000 नौकरियों के अवसर

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गाजियाबाद 31 जुलाई। राज्य में रोजगार के अवसर बढ़ाने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को पूरा करने और अंतिम मील कनेक्टिविटी प्रदान करने के लिए सुभाष चंद्र के नेतृत्व वाली एस्सेल ग्रुप की Essel Infraprojects Limited Company ने लखनऊ Mump Essel Green Mobility Limited के अंतर्गत Electric Vehicle Charging और Battery swapping infrastructure की शुरुआत की है। यह घोषणा लखनऊ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा फाउंडेशन स्टोन लेइंग समारोह के दौरान की गई। EIL का इलेक्ट्रिक वाहन परियोजना राज्य में शुरु की गई विभिन्न औद्योगिक परियोजनाओं में से एक है।इस अवसर एस्सेल समूह के चेयरमैन सुभाष चंद्र ने कहा कि परियोजना की शुरुआत गाजियाबाद से की जाएगी, जिसके बाद Kanpur, Agra, Noida, Meerut, Varanasi, Gorakhpur, Allahabad जैसे अन्य जिलों को कवर किया जाएगा। यह परियोजना देश में इलेक्ट्रिक वाहन उद्योग, विशेष रूप से ई-रिक्शा सेगमेंट में क्रांतिकारी बदलाव लाएंगी, क्योंकि चालकों को वाहन या बैटरी खरीदने की आवश्यकता नहीं होगी और वे अपने व्यापार को बिना किसी निवेश, मुश्किल कागजी कार्रवाई और जमानत मुहैया कराए बगैर शुरू कर सकते हैं। इस परियोजना के तहत EIL चरणबद्ध तरीके से 1750 करोड़ रुपये निवेश करने जा रहा है, जिसमें यूपी के 20 शहरों में 250 चार्जिंग स्टेशनों, 1000 बैटरी स्वैपिंग स्टेशनों की शुरुआत होगी। यह परियोजना ईवी पारिस्थितिकी तंत्र को प्रभावी तरीके से लागू करने की चुनौती को पूरा करेगी। ईआईएल 25000 E-Rickshaw चलाएंगी जो राज्य में 50000 नौकरियां के अवसर पैदा करेगी। बताया कि परियोजना से बैटरी चार्जिंग की लागत को कम करने में मदद मिलेगी, जो सीएनजी या किसी अन्य वैकल्पिक ईंधन के बराबर होगी। कंपनी का उद्देश्य Driver की आय बढ़ाकर उनका जीवन स्तर सुधारना है।

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