FIFA world Cup पर महिला सांसद की सलाह, रूसी महिलाएं न बनाएं विदेशियों से शारीरिक संबंध

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नई दिल्ली: इस बार FIFA World Cup का आयोजन रूस में किया जा रहा है. फुटबॉल के इस महामुकाबले के बीच रूस की एक महिला सांसद का अजीब बयान सामने आया है. सांसद ने महिलाओं को सलाह दी है कि वे नॉन-व्हाइट लोगों के साथ सेक्स करने से बचें. उन्होंने ये सलाह एक सवाल के जवाब में दी, जिसमें उनसे 1980 के Moscow Games और Olympic Children को लेकर पूछा गया था.

कौन हैं Olympic Children
दरअसल, 1980 के दौरान रूस में गर्भनिरोधक को लेकर जागरुकता बहुत कम थी. ओलंपिक चिल्ड्रन उन बच्चों के लिए इस्तेमाल किया जाता है, जिनका जन्म मॉस्को गेम के दौरान स्थानीय महिलाओं और अफ्रीका, लैटिन अमेरिका या एशिया के अन्य देशों से आए पुरुषों के रिश्ते के कारण हुआ. इन बच्चों को रूस में बहुत अधिक भेदभाव का सामना करना पड़ा. सोवियत संघ का दौर खत्म होने के बाद भी इन बच्चों की पीढ़ियों को भी भेदभाव के दर्द से गुजरना पड़ा.

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1980 में बनी स्थितियों से बचने के लिए दी सलाह
इसी स्थिति को आधार बनाते हुए रूस की महिला सांसद और परिवार, महिला और बच्चों के लिए संसद की समिति की अध्यक्ष तमारा प्लैटन्योवा ने रूस की महिलाओं को फीफा वर्ल्ड कप के दौरान बाहर से आए व्यक्तियों से दूर रहने और उनके साथ शारीरिक दूरी बनाए रखने की सलाह दी. उन्होंने कहा कि हमें सिर्फ हमारे (रूसी माता-पिता) बच्चों को जन्म देना चाहिए. मिक्स्ड ब्रिड के बच्चों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है. ये सोवियत संघ के समय से ही मुश्किलों और भेदभाव से जूझते आ रहे हैं.

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विदेशियों से रिश्ते का अंत बुरा
सांसद ने कहा कि ऐसी स्थितियों में बनने वाले रिश्तों से महिलाओं को भी पीड़ा से गुजरना पड़ता है. उन्होंने कहा कि, रूसी महिलाएं यदि विदेशी से शादी भी करती हैं तो ज्यादातर मामलों में इसका अंत बुरा ही होता है. महिलाएं या तो विदेश में अकेली छोड़ दी जाती हैं, या फिर पुरुष महिला और बच्चे को यहीं छोड़ अपने देश वापस चले जाते हैं. इसी स्थिति से बचने के लिए इस बार महिलाओं को फीफा वर्ल्ड कप के दौरान देश में आने वाले विदेशी पुरुषों के साथ सेक्स से बचना चाहिए.

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