‘तानाशाह’ किम जोंग-उन की High-Tech Security, दुनिया में और किसी के पास नहीं

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नई दिल्ली। उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग-उन को लोग तानाशाह कहते हैं. क्योंकि, वह अपने अलग ही अंदाज में सबकुछ करता है. परमाणु हथियारों का परीक्षण हो या फिर मिसाइल छोड़कर पड़ोसी मुल्कों को डराना. किम जो करता है वह दुनिया देखती है. लेकिन, दूसरों को डराने वाला किम खुद बहुत डरपोक है. ऐसा हम नहीं बल्कि उसके पड़ोसी देश दक्षिण कोरिया की एक Agency का दावा है. उसकी High-Tech Security के पीछे भी कई रहस्य हैं. वह मुस्कुराता है, वह चिढ़ाता है, वह धमकाता है और अपनी सुरक्षाकर्मियों को अपनी कार के पीछे भगाता है, यही वजह है कि लोग उसे तानाशाह कहते हैं.

किम का सुरक्षा घेरा
दुनिया ने एक बार फिर सिंगापुर में North Korea के नेता किम जोंग-उन की कार के पीछे उनके सुरक्षाकर्मियों को दौड़ते-भागते देखा. हालांकि, यह पहली बार नहीं था. South Korea में भी राष्ट्रपति Moon J-in से मिलने पहुंचे किम के सुरक्षाकर्मी ऐसे ही उसकी कार के ईर्द-गिर्द दौड़ते दिखाई दिए थे. कहा जाता है कि जब भी देश के नेता की सुरक्षा की बात आती है तो उत्तर कोरिया कोई कसर नहीं छोड़ता. हालांकि, गार्ड्स का उनकी गाड़ी के पीछे दौड़ने वाला रहस्य अभी भी है. यह लोग कौन हैं और क्यों दौड़ते हैं?

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किम के पास 3 श्रेणी की सुरक्षा
Director of North Korea Leadership Watch और विश्लेषक माइकल मैडन के मुताबिक, उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग-उन को तीन श्रेणियों में सुरक्षा दी जाती है. सिंगापुर में उनकी सुरक्षा के लिए Black Suit में गार्ड्स दौड़ते नजर आए. ये गार्ड्स उनकी Bulletproof Car के साथ-साथ दौड़ रहे थे. इन्हें मेन ऑफिस ऑफ एडजुटेंट्स कहा जाता है. ये सेना के अधिकारी होते हैं, जो देश के प्रमुख व्यक्तियों को सुरक्षा देते हैं.

Martial arts में दक्ष होते हैं गार्ड्स
किम जोंग-उन की सुरक्षा में लगे गार्ड्स निशानेबाजी, मार्शल आर्ट्स और बंदूक चलाने में महारत हासिल रखते हैं. इनके चयन के वक्त ही सुनिश्चित किया जाता है कि किसी भी गार्ड की आंखें कमजोर न हों. उन्हें देखने में किसी तरह की कोई परेशानी न हो. ये गार्ड्स सुरक्षा के वक्त किम जोंग उन के चारों तरफ घेरा बना लेते हैं. खास बात यह है कि इनकी लंबाई भी किम जोंग-उन के बराबर होती है. सभी गार्ड्स का चयन कोरियन पीपल्स आर्मी से किया जाता है.

कैसे होता है गार्डस का चयन
किम को सुरक्षा में लगे गार्ड्स के चयन से पहले इनकी पृष्ठभूमि की गहनता से जांच की जाती है. गार्ड्स की पिछली दो पीढ़ियों तक की जांच होती है. हालांकि, बताया जाता है कि किम की सुरक्षा में लगे ज्यादातर गार्ड्स उसके संबंधी या फिर उत्तर कोरिया के जाने-माने परिवार से होते हैं. इस नौकरी की खासियत यह होती है कि एक बार बेड़े में शामिल होने के बाद नौकरी छोड़ने का विकल्प नहीं होता. इन गार्ड्स को कठोर प्रशिक्षण से गुजरना होता है. विशेष ऑपरेशन के लिए तैयार किए गए सैनिकों की तरह इन्हें ट्रेंड किया जाता है.

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Suit and tie में होते हैं Guards
सुरक्षाकर्मियों का घेरा किम जोंग-उन के चारों तरफ नजर रखता है. 3 से 5 Security personnel के बीच किम जोंग-उन चलते हैं. Guards की फौज हमेशा किम को घेरे रहती है. किम जहां जाता है Security personnel उनके साथ चलते हैं. यही वजह है कि किम के कार में बैठने के बाद भी गार्ड्स दौड़ते नजर आते हैं. गार्ड्स की इस टुकड़ी में एक Directors होता है. ये सभी suit और tie पहने होते हैं.

अलग होती है इन Guards की पहचान
किम जोंग-उन के ड्राइवर से लेकर गार्ड्स की विशेष पहचान होती है. ड्राइवर को लेदर के दस्ताने पहनाए जाते हैं, जिससे उसका नियंत्रण गाड़ी पर अच्छे से रहे. Drivers & Guards के कानों में Earpiece पहनाए जाते हैं, जिससे उन्हें सूचनाएं मिलती हैं. Guards की पहचान अलग तरीके से की जाती है. उनके कपड़े पर विशेष पिन और बैज लगे होते हैं. इतना ही नहीं पुष्टि के लिए विशेष कोड में उन्हें बातें भी करनी होती है. किम जोंग-उन क्या खाएंगे, क्या पीएंगे, यहां तक की ciggrate का भी इंतजाम उन्हें करना होता है.

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दुनिया में किसी और के पास नहीं ऐसी सुरक्षा
Main office of adjutants में करीब 200 से 300 सुरक्षाकर्मी होते हैं. इनमें से आधे Bodyguard और बाकी ड्राइवर और तकनीकी स्टाफ होते हैं. गार्ड कमांड उन सभी रास्तों को आधा मील तक सुरक्षित रखते हैं, जहां से किम जोंग-उन गुजरते हैं. जिस तरह की सुरक्षा उत्तर कोरिया के नेता को दी जाती है, शायद ही ऐसी सुरक्षा विश्व के किसी अन्य नेता को दी जाती हो.

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