संत भय्यू महाराज ने खुद को मारी गोली, इंदौर के बॉम्बे Hospital में मौत

loading...

इंदौर। अाध्यात्मिक संत भय्यू महाराज ने खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। भय्यू महाराज ने ये कदम क्यों उठाया फिलहाल ये राज बना हुआ है। परिजन उन्हें लेकर बॉम्बे hospital पहुंचे थे लेकिन बताया जा रहा है कि अस्पताल लाने से पहले ही उन्होंने दम तोड़ दिया था। भय्यू महाराज ने अपनी दाईं कनपटी पर गोली मारी।

Police की FSL टीम मौके के लिए रवाना हो गई है। मिली जानकारी के मुताबिक पारिवारिक कलह या अवसाद के कारण भय्यू महाराज ने ये कदम उठाया। डीआईजी हरिनारायण चारी मिश्रा ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि भय्यू महाराज ने दाई कनपटी पर गोली मारी। भय्यू महाराज ने सिल्वर स्प्रिंग स्थित अपने निवास पर खुद को गोली मारी।

पुलिस की एफएसएल टीम मौके के लिए रवाना हो गई है। उधर भय्यू महाराज को गोली लगने की जानकारी मिलने के बाद बड़ी संख्या में उनके अनुयायी बॉम्बे हॉस्पिटल पहुंच गए हैं।

इसे भी पढ़िए :  अगर आपके पेट पर भी है काला तिल, तो करे ये एक उपाय चमक जाएगी किस्मत

मॉडलिंग की दुनिया से निकलकर आध्यात्म को अपनाया
मालवा के शुजालपुर प्रांत से निकलकर देश -विदेश में अपनी आध्यात्मिक छवि के लिए पहचाने जाने वाले भय्यू महाराज ने मॉडलिंग के दुनिया से अपना करियर शुरू किया था और उसके बाद उन्होने शोहरत भरी मॉडलिंग की जिंदगी को अलविदा कहकर आध्यात्म के सफर पर चलना तय किया। उनके भक्तों की फेरिस्त में लता मंगेशकर से लेकर महाराष्ट्र की और देश- दुनिया की नामी हस्तियां रही है। जिनमें पूर्व राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल, पीएम नरेंद्र मोदी, शिवसेना के उद्धव ठाकरे और मनसे के राज ठाकरे, आशा भोंसले, अनुराधा पौडवाल, फिल्म एक्टर मिलिंद गुणाजी भी शामिल हैं। भय्यू महाराज से मिलने अब तक आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत, एमपी के सीएम शिवराज सिंह चौहान और गुजरात की सीएम आनंदी बेन पटेल सहित कई बड़ी हस्तियाँ उनके आश्रम में आ चुकी है।

इसे भी पढ़िए :  जल्द ही भारतीय भाषाओं में होगा इंटरनेट डोमेन नाम

भय्यू महाराज ने तुड़वाया था अन्ना हजारे का अनशन
भय्यू महाराज चर्चा में तब आए जब अन्ना हजारे के अनशन को खत्म करवाने के लिए तत्कालीन केंद्र सरकार ने अपना दूत बनाकर भेजा था। बाद में अन्ना ने उनके हाथ से जूस पीकर अनशन तोड़ा था। इसके अलावा पीएम बनने के पहले गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में मोदी सद्भावना उपवास पर बैठे थे। तब उपवास खुलवाने के लिए उन्होंने भय्यू महाराज आमंत्रित किया था। हाल ही में मप्र सरकार ने राज्यमंत्री का दर्जा दिया था, लेकिन उन्होंने लौटा दिया था।

कौन हैं भय्यू महाराज
– 1968 को जन्में भय्यू महाराज का असली नाम उदयसिंह देखमुख है। वे शुजालपुर के जमींदार परिवार से ताल्लुक रखते है।
– कभी कपड़ों के एक ब्रांड के लिए ऐड के लिए मॉडलिंग कर चुके भय्यू महाराज अब गृहस्थ संत हैं। सदगुरु दत्त धार्मिक ट्रस्ट उनके ही देखरेख में चलता है।
– उनका मुख्य आश्रम इंदौर के बापट चौराहे पर है। उनकी पत्नी माधवी का दो साल पहले निधन हो चुका है।
– पहली शादी से उनकी एक बेटी कुहू है, जो पुणे में रहकर पढ़ाई कर रही है।
– उन्होंने 30 अप्रैल 2017 को एमपी के शिवपुरी की डॉ. आयुषी के साथ दूसरी शादी की।

इसे भी पढ़िए :  शिक्षा क्षेत्र में तेजी से बढ़ रहा फंसे कर्ज का स्तर

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

one × 4 =