भारत को हराकर बांग्लादेश ने पहली बार महिला एशिया कप जीता

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नई दिल्ली। Indian Women’s Cricket Team को शर्मनाक हार का सामना करना पड़ा जब बांग्लादेश ने Final में 6 बार के Champion को हराकर पहली बार एशिया कप खिताब जीत लिया। भारतीय टीम के लिए यह Tournament काफी शर्मनाक साबित हुआ, जिसमें उसे बांग्लादेश की कमजोर टीम के खिलाफ एक हफ्ते में 2 बार हार का सामना करना पड़ा।

टूर्नामेंट ने मिताली राज और झूलन गोस्वामी जैसी अनुभवी खिलाड़ियों की T20 प्रारूप में उपयोगिता पर भी सवालिया निशान लगा दिया है, लेकिन उपयुक्त विकल्पों की कमी के कारण BCCI इन दोनों को टीम में रखने को बाध्य है। बांग्लादेश को मैच की अंतिम गेंद पर जीत के लिए 2 Run की दरकार थी और जहानआरा आलम ने विरोधी कप्तान हरमनप्रीत कौर की गेंद को डीप मिडविकेट पर 2 रन के लिए खेलकर अपनी Team को 113 रन के लक्ष्य तक पहुंचा दिया।

भारत की ओर से हरमनप्रीत ने 42 गेंद में 56 रन की पारी खेलने के अलावा 19 गेंद में 2 विकेट चटकाए जबकि लेग स्पिनर पूनम यादव ने 9 रन देकर 4 विकेट हासिल किए। भारत को हालांकि एक बार फिर अपनी लचर बल्लेबाजी का खामियाजा भुगतना पड़ा। भारतीय कप्तान हरमनप्रीत ने स्वीकार किया कि बल्लेबाजों ने टीम को निराश किया। टूर्नामेंट की सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुनी गई हरमनप्रीत ने कहा, ‘यह काफी दबाव वाला मैच था। हमें स्थिति के अनुसार बल्लेबाजी करनी चाहिए थी। हमारी बल्लेबाज धैर्य के साथ नहीं खेल पाई। विकेट से काफी मदद नहीं मिल रही थी। बांग्लादेश को श्रेय जाता है। खेल के सभी विभागों में आज वे शानदार थे।

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भारतीय कप्तान हरमनप्रीत ने कहा, ‘विकेट से गेंद थोड़ी रुककर आ रही थी, लेकिन हमारी स्पिनरों ने अच्छा काम किया। यह अच्छा स्कोर नहीं था लेकिन इसके बावजूद हमने अंत तक टक्कर दी। इसलिए हमारी गेंदबाजों को श्रेय जाता है। बांग्लादेश की इस यादगार जीत में हालांकि एक भारतीय का हाथ भी है। टीम को कोचिंग देने की जिम्मेदारी भारत की पूर्व सलामी बल्लेबाज अंजू जैन के कंधों पर है जो लंबे समय तक मिताली और झूलन के साथ खेली हैं। अंजू को भारतीय टीम के मजबूत और कमजोर पक्ष पता हैं और उनकी सलाह से बांग्लादेश की टीम को निश्चित तौर पर मदद मिली होगी।

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बांग्लादेश की कप्तान सलमा खातून ने टॉस जीतकर क्षेत्ररक्षण करने का फैसला किया जिसके बाद हरमनप्रीत को छोड़कर भारत की कोई बल्लेबाज विरोधी गेंदबाजों के सामने टिककर नहीं खेल पाई। हरमनप्रीत ने अपनी पारी में 7 चौके मारे। भारत का स्कोर एक समय 62 रन पर 5 विकेट था और अगर हरमनप्रीत एक छोर नहीं संभालती तो टीम 100 रन से कम पर सिमट सकती थी लेकिन अंत में 9 विकेट पर 112 रन बनाने में सफल रही।

भारत की शीर्ष 3 बल्लेबाजों ने काफी धीमी बल्लेबाजी की। मिताली ने 18 गेंद में 11, स्मृति मंधाना ने 12 गेंद में 7 और दीप्ति शर्मा ने 11 गेंद में 4 रन बनाए। भारतीय टीम पावरप्ले में 21 रन ही बना सकी और कभी लय हासिल करने की स्थिति में नहीं दिखी। नाहिदा अख्तर ने (4 ओवर में बिना विकेट के 12 रन) मिताली और दीप्ति को काफी परेशान किया। वेदा कृष्णमूर्ति भी 10 गेंद में 11 रन बनाने के बाद पवेलियन लौट गई जिसके बाद हरमनप्रीत को सतर्कता के साथ खेलने के लिए बाध्य होना पड़ा।

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बांग्लादेश की ओर से अनुभवी रुमाना अहमद ने 22 जबकि ऑफ स्पिनर खादिजा तुल कुबरा ने 23 रन देकर 2-2 विकेट चटकाए। गेंदबाजी में पूनम और एकता बिष्ट (4 ओवर में बिना विकेट के 13 रन) ने भारत को वापसी दिलाने की कोशिश की लेकिन झूलन (2 ओवर में बिना विकेट के 20 रन) महंगी साबित होने के अलावा क्षेत्ररक्षण में धीमी भी थी।

मध्यक्रम की बल्लेबाजों निगार सुल्ताना (24 गेंद में 27 रन) और रुमाना (22 गेंद में 23 रन) ने बांग्लादेश को लक्ष्य के करीब पहुंचाया। रुमाना ने अपना एकमात्र चौका हरमनप्रीत के अंतिम ओवर में जड़कर दबाव कम किया। वह हालांकि पांचवीं गेंद पर रन आउट हो गई। महिला आईपीएल शुरुआत करने की कोशिशों के बीच बांग्लादेश के खिलाफ ये 2 हार आंखें खोलने वाली हैं। गौरतलब है कि इससे पहले भारत ने बांग्लादेश के खिलाफ किसी प्रारूप में कोई मैच नहीं गंवाया था।

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