किसने दिया सोफिया की प्रधानाचार्य को छात्राओं की उत्पीड़न का अधिकार

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क्या नियमों का उल्घघंन कर रहे सोफिया स्कूल को डिप्टी रजिस्ट्रार के नोटिस पर सीधा जवाब देने की बजाये सवाल उठाने का अधिकार है?

मेरठ 31 मई। सोफिया स्कूल को लेकर पिछले कुछ दिनों से चल रहे विवाद में कुछ बिंदुओं पर डिप्टी रजिस्टार चिट फंड सोसाईटी द्वारा नोटिस देकर 29 मई तक मांगे गये जवाब के उतर में सोफिया स्कूल ने सीए के माध्यम से दिये गये जवाब में कहा गया है की जो जवाब मांगा गया वो डिप्टी रजिस्ट्रार के क्षेत्र अधिकार में नही है और उस पर सवाल उठाये गये। कानूनी मुद्दा है इस पर तो जनता जो कुछ कह रही है वो यहां नही दिया जा सकता। मगर कितने ही जागरूक नागरिक आज इस बात को लेकर चर्चा करते दिखायी दिये की क्या 10वीं का आईसीएसई बोर्ड रिजल्ट आने और उसमें सोफिया स्कूल में पढ़ रही छात्राओं के पास होने के उपरांत क्या सोफिया स्कूल की प्रधानाचार्य या अन्य किसी को कानूनी अधिकार है की वो बच्चियों को अगली कक्षा 11 में प्रवेश देने की बजाय उनका मानसिक, समाजिक व आर्थिक उत्पीड़न कर सके। सोफिया स्कूल सरकार की नीतियों अथवा आईसीएसई बोर्ड से बड़ा तो नही है तो फिर प्रिसिंपल या जिसने भी निर्णय लिया वो बच्चियों को परेशान करने का कारण क्यो बन रही है। और क्या इतना होने पर उनहे क्या डिप्टी रजिस्ट्रार के अधिकार क्षेत्र पर सवाल उठाने का अधिकार है।
जनता का कहना है की ऐसा नही है सोफिया स्कूल के जिम्मेदार सरकार की नीतियों का उल्घघंन कर रहे है। उनके विरूध की जाये उचित कार्यवाही।

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