कंगाली की कगार पर पाकिस्तान! सिर्फ 10 हफ्तों का बचा है खजाना

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नई दिल्ली। पाकिस्तान संकट में है. पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था चरमरा कर गिर सकती है. सेना बनाम सरकार की लड़ाई में पाकिस्तान कई साल पीछे जा सकता है. दरअसल, पाकिस्तानी मुद्रा अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपना मूल्य खो रही है. पाकिस्तानी रुपया की कीमत डॉलर के मुकाबले 120 रुपया पहुंच चुकी है. पाकिस्तान का विदेशी मुद्रा भंडार लगातार खाली हो रहा है. एक आंकड़े के मुताबिक, पाकिस्तान के पास अब सिर्फ 10.3 अरब डॉलर यानी 69,504 करोड़ रुपए का ही विदेशी मुद्रा भंडार है. पिछले साल मई में यह 16.4 अरब डॉलर यानी 1,10,667 करोड़ रुपए था.

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सिर्फ 10 हफ्ते तक का भंडार
फाइनेंशियल टाइम्स के मुताबिक, पाकिस्तान के पास जितनी विदेशी मुद्रा है, वो ज्यादा से ज्यादा 10 हफ्तों तक के आयात के बराबर है. फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, विदेशों में नौकरी कर रहे पाकिस्तानी देश में जो पैसे भेजते थे उसमें भी गिरावट आई है. इसके साथ ही पाकिस्तान का आयात बढ़ा है. चीन-पाक इकोनॉमिक कॉरिडोर में लगी कंपनियों को भारी भुगतान के कारण भी विदेशी मुद्रा भंडार खाली हो रहा है.

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वर्ल्ड बैंक ने जारी की थी चेतावनी
विश्व बैंक ने अक्टूबर 2017 में पाकिस्तान को चेतावनी दी थी कि उसे कर्ज भुगतान और चूला खाता घाटे को पाटने के लिए इस साल 17 अरब डॉलर की जरूरत पड़ेगी. हालांकि, पाकिस्तान ने इस पर तर्क दिया था कि विदेशों में बसे अमीर पाकिस्तानियों को अगर अच्छे लाभ का लालच दिया जाए तो वो अपने देश की मदद कर सकते हैं. पाकिस्तान के केंद्रीय बैंक के एक अधिकारी ने कहा था कि अगर प्रवासी पाकिस्तानी ऑफर दिया जाएगा तो देश में पैसा जरूर आएगा. src – zn

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