कर्नाटक: BJP उम्मीदवार श्रीरामुलु का कथित स्टिंग ऑपरेशन वायरल, CJI को 160 Cr. रिश्वत देने की बात कहते दिखे

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नई दिल्ली: कांग्रेस ने कर्नाटक चुनाव 2018 के लिए बादामी विधानसभा सीट से BJP के उम्मीदवार श्रीरामुलु का एक Video Share किया है. इस वीडियो में श्रीरामुलु कथित तौर पर 2010 में Chief Justice of India के पद से रिटायर हुए के. जी. बालकृष्णन को एक मामले में पक्ष में फैसला देने के लिए 160 करोड़ की रिश्वत देने की बात कहते नजर आ रहे हैं. इस Video में कथित रूप से श्रीरामुलु, जनार्दन रेड्डी और पूर्व चीफ जस्टिस के दामाद नजर आ रहे हैं. Video सामने आने के बाद चुनाव आयोग के जरिए इसके प्रसारण पर रोक लगा दी गई थी. कांग्रेस ने इस पूरे मामले में चुनाव आयोग में याचिका दाखिल कर श्रीरामुलु को के चुनाव लड़ने पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है.

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी एक Private channel पर दिखाए गए इस कथित Sting operation के वीडियो को शेयर किया है. साथ ही इससे संबंधित एक खबर को भी उन्होंने Retweet किया. राहुल ने इस मामले को आधार बनाकर BJP और PM नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधा. उन्होंने अपने Tweet पर लिखा ‘मोदी, येड्डी और रेड्डी कर्नाटक को लूटने की तैयारी में हैं. लेकिन कर्नाटक की जनता ऐसा होने नहीं देगी.’ एक अन्य Tweet में उन्होंने Sting operation को लेकर बीजेपी पर तंज कसते हुए कहा, ‘कर्नाटक के लिए ये प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ड्रीम टीम है. अभी-अभी जेल से आए हुए, मोदी-फाइड और चोरी के लिए ‘रेड्डी’.

क्या है मामला
कांग्रेस ने 10 May को एक Video Share किया था. इस वीडियो में बादामी विधानसभा सीट से BJP के उम्मीदवार श्रीरामुलु जनार्दन रेड्डी और पूर्व चीफ जस्टिस बालाकृष्णन के दामाद श्रीनिजन के साथ नजर आ रहे हैं. वीडियो में श्रीरामुलु कथित तौर पर ओबलापुरम माइनिंग कंपनी से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा पक्ष में फैसला देने के लिए पूर्व चीफ जस्टिस बालाकृष्णन को 160 Crore की रिश्वत देने की बात कहते नजर आ रहे हैं. ओबलापुरम माइनिंग Company के मालिक जनार्दन रेड्डी हैं.

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इसलिए सुप्रीम कोर्ट पहुंचा था मामला
साल 2009 में आंध्र प्रदेश सरकार ने ओबलापुरम माइनिंग कंपनी को राज्य की सीमा के पास अनंतपुर में खदानों का संचालन करने पर प्रतिबंध लगा दिया था. हाईकोर्ट में मामला पहुंचा. साल 2010 में Highcourt ने इस आदेश को रद्द कर दिया, जिसके बाद सरकार मामले को सुप्रीम कोर्ट ले गई, जहां तत्कालीन CJE के. जी. बालकृष्णन ने ओबलापुरम के पक्ष में फैसला दिया. इसके एक दिन बाद वे पद से रिटायर हो गए थे.

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BJP ने Video को बताया फर्जी
वीडियो सामने आने के बाद BJP की प्रतिक्रिया भी सामने आई. उनकी ओर से इस Video को फर्जी बताया गया. खुद पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने इस मामले में बयान देते हुए कहा कि आजकल इस तरह के झूठे Video बाजार में खूब चल रहे हैं.

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