एनडीएमसी एवं खान एकाडेमी के बीच टेबलेट पढ़ाई हेतु समझौता? बच्चों के बस्ते का बोझ कम तथा पर्यावरण में होगा सुधार

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देश की राजधानी दिल्ली नगर पालिका परिषद एनडीएमसी के स्कूलों में अब टेबलेट से पढाई कराये जाने से खबर है। इसके पहले चरण में 28 स्कूलों मंे एनडीएमसी व खान एकाडेमी आॅफ इंडिया के बीच लिखित समझोता हुआ। एनडीएमसी के सचिव चंचल यादव व एकाडेमी की ओर से संदीप बापना द्वारा हस्ताक्षर किये गये। बताते चले कि एनडीएमसी के स्कूलों में पहले से ही स्मार्ट कक्षा की पढ़ाई चल रही है। इस योजना में करीब 11 हजार छात्र और 150 अध्यापक लाभान्वित होंगे। मुझे लगता है कि यह योजना पिछले काफी समय से बच्चों के बस्ते का बोझ कम करने की चल रही मांग को पूरा करने में तो सफल रहेंगे ही किताब और कापियों के बढ़ते बोझ से जो बचपन में ही कमर बिना मतलब का बोझ झेलने के लिए मजबूर है उससे छुटकारा मिलेगा। मुझे लगता है कि एनडीएमसी की योजना की केन्द्र सरकार के शिक्षा विभाग के अधिकारियों को गहन समीक्षा करनी चाहिए तथा अगर इसमें कोई खामी है तो उसे दूर कर पूरे देश में टेबलेट से पढ़ाई की व्यस्वथा बच्चों के मानसिक और शारीरिक विकास के साथ-साथ नई तकनीक के बारे जानकारी उपलब्ध कराने के दृष्टिकोण से उपलब्ध करानी चाहिए। मुझे लगता है कि इससे बच्चों के साथ-साथ पर्यावरण को भी लाभ पहंुचेगा, क्योंकि जब किताब कापियों का बोझ कम होगा तो इनके कागज के लिए इनके लिए कटने वाले पेड़ों की भी कटाई कम होगी, जिससे पर्यावरण संतुलन और वृक्षों की संख्यों में बढ़ोतरी होने से इनकार नहीं किया जा सकता। और लोग क्या सोचते हैं यह तो में नहींे जानता, लेकिन मैं अनपढ़ होने के बावजूद जो स्थिति इस समय बच्चों की हो रही है। तथा पर्यावरण संतुलन बिगड़ रहा है उन दोनों की ही मामले ही टेबलेट से पढ़ाई आम-के आम और गुठलियों के दाम साबित होगी।

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– रवि कुमार विश्नोई
राष्ट्रीय अध्यक्ष – आॅल इंडिया न्यूज पेपर्स एसोसिएशन आईना
सम्पादक – दैनिक केसर खुशबू टाईम्स
MD – www.tazzakhabar.com

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