समाज के दुश्मन है मूर्ति तोड़ने वाले!

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ऐसी घटनाओं पर सभी को एकजुट होकर देश हित में करने होंगे प्रयास

बीते दिनों कुछ में हुए विधानसभा चुनावों के बाद देश के कई प्रदेशों में मूर्ति तोड़े जाने की जो गंदी राजनीति कुछ लोगों द्वारा शुरू की गई वो किसी के लिये भी उचित नहीं कहीं जा सकती। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने ऐसे कार्याें के उत्पन्न होने वाले मनमुटाव तथा तनाव को देखते हुए राज्य सरकारों से इन घटनाओं को रोकने और इनमे शामिल व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश भी देने के साथ साथ मूर्तियों की सुरक्षा के निर्देश दे दिए गए हैं ।
मगर सवाल यह उठता है कि आखिर त्रिपुरा में लेनिन और तमिलनायडू में पेरियार, कलकता के श्यामा प्रसाद मुखर्जी तथा उप्र के जिला मेरठ की मवाना तहसील में डा. भीम राव अंबेडकर की मूर्ति तोड़े जाने के पीछे जो भ्ज्ञी लोग हैं आखिर वो क्या चाहते हैं और ऐसा क्यों कर रहे हैं। इस ओर केंद्रीय गृह मंत्रालय को विशेष ध्यान देकर जानकारियां प्राप्त करने के साथ साथ दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई भी करनी चाहिये। चाहे समाज में मूर्तियां तोड़ने की घटनाओं से शांति सौहार्द को बिगाड़ने के पीछे कोई भी और किसी भी राजनीतिक दल से संबंध व्यक्ति ही क्यों न हों?
मेरा मानना है कि ऐसी घटनाओं से किसी की विचार धारा कोई नहीं बदल सकता। और न ही किसी को इससे वोटों का लाभ होने वाला है। हां समाज में कुछ समय के लिये इससे उत्पन्न तनाव को लेकर असंतोष और असुरक्षा की भावना जरूर पैदा होती है। जो किसी के भी हित में सहीं नहीं कहंी जा सकती।

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मुझे लगता है कि अगर मूर्तियों की तोड़फोड़ करने वाले समय से गिरफ्तार नहीं होते और कहीं और इस तरह की घटना होती है तो केंद्रीय गृह मंत्रालय और प्रदेश की सरकारों को चाहिये कि संबंधित जिले जहां यह घटना हो वहां के पुलिस के आलाधिकारियों के विरूद्ध सख्त कार्रवाई की जाए। क्योंकि समाज में कानून व शांति व्यवस्था बनाए रखना ही उनका मुख्य काम हैं। और अगर वो उसे नहीं कर पा रहे है। तो फिर उन्हे जिला संभालने का कोई अधिकार सैद्धांतिक रूप से नहीं मिलना चाहिये।

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मुझे लगाता है कि सभी राजनीतिक दलों को भी ऐसे मामलों में एकजुट होना चाहिये। जो भी इस प्रकार की घटना को अंजाम देने के लिये दोषी हो चाहे वो किसी भी दल का हों। उसका सहयोग करने हेतु किसी को आगे नहीं आना चाहिये।
भाजपा ने तमिलनायडु में पेरियार की मूर्ति को क्षतिग्रस्त किये जाने के मामले में अपने एक नेता को पार्टी से बर्खास्त कर दिया है जो एक अच्छा उदाहरण कहा जा सकता है। भाजपा के इस कार्य का अनुसरण करते हुए अन्य राजनेताओं को भी देश भर में शांति व सुरक्षा का माहौल बनाए रखने हेतु कार्यवाही करनी चाहिये और किसी को भी इसका लाभ उठाने की कोशिश न तो करने की हिम्मत दिखानी चाहिये और अगर कोई करता है तो सरकार सख्ती के साथ कार्रवाई करें क्योंकि ऐसे मुददे से अगर देश की शांति भंग करने के प्रयास सफल होने लगे तो कई कठिनाईयां समाज के समक्ष उत्पन्न तो होंगी साथ ही उससे जो नुकसान होंगे उसकी भरपाई आसानी से होना संभव नहीं।

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– रवि कुमार विश्नोई
राष्ट्रीय अध्यक्ष – आॅल इंडिया न्यूज पेपर्स एसोसिएशन आईना
सम्पादक – दैनिक केसर खुशबू टाईम्स
MD – www.tazzakhabar.com

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