स्कूलों में धार्मिक किताबें पढ़ाएंः मेनका

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नई दिल्ली 12 मार्च। केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने मानव संसाधन विकास मंत्रालय को स्कूली पाठ्यक्रम में सभी धर्मो की किताबें शामिल करने और नैतिक शिक्षा देने के सुझाव दिए हैं ताकि छात्रों के बीच धार्मिक सहनशीलता को बढ़ावा मिल सके।मेनका ने हाल में हुई केंद्रीय शिक्षा सलाहकार बोर्ड (सीएबीई) की 65वीं बैठक में ये सुझाव दिए। सीएबीई शिक्षा के क्षेत्र में निर्णय करने वाली सर्वोच्च संस्था है।

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बैठक के एक आधिकारिक दस्तावेज के मुताबिक, अलग- अलग धर्मो के छात्रों के बीच धार्मिक सहनशीलता को बढ़ावा देने के लिए मंत्री (गांधी) ने नैतिक शिक्षा की कक्षाएं आयोजित करने और सभी धर्मो की किताबें पढ़ाने के सुझाव दिए ताकि छात्र अन्य धर्मो को अहमियत देना शुरू करें।

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बैठक में मौजूद रहे ओडिशा के शिक्षामंत्री बद्री नारायण पात्र ने पाठ्यक्रम में इस तरह सुधार करने का सुझाव दिया ताकि धार्मिक सहनशीलता और देशभक्ति की भावना को मजबूती मिल सके। बैठक के दौरान यह सुझाव भी दिए गए कि स्कूलों में मध्याह्न भोजन में शाकाहारी भोजन दिया जाए, कक्षा में हाजिरी के दौरान छात्रों को ‘यस’ या ‘नो’ की बजाय ‘जय हिंदू’ कहने का निर्देश दिया जाए।

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