इंजीनियरिंग के सांइटिफिक सुपर मार्केट खोलने वाले शिवेश गोयल व उनका परिवार बधाई का पात्र

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भले ही अपने देश में सोशल मीडिया और इससे संबंध तकनीक का पूर्ण विस्तार देर से हुआ हों। लेकिन अपने यहां के बच्चे इस क्षेत्र में भारत मेें रहकर या विदेशों में अपनी काबलियत और हुनर का परचम फहरा रहे हैं। पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय राजीव गांधी द्वारा 21वीं सदी में आधुनिक तकनीकि के बड़े विस्तार को ध्यान में रखते हुए जो हर क्षेत्र में कंप्यूटर क्रांति की अलख जगाने की शुरूआत की गई थी उसने अब इंटरनेट व सोशल मीडिया के माध्यम से पूरी दुनिया को एक मुठठी में लाकर खड़ा कर दिया है।
एक उंगुली कंप्यूटर पर चलाए और नेट खोलिए और जहां चाहे वहां तक पहुंचकर अपने स्थान पर बैठकर दुनिया भर की जानकारियां प्राप्त कर अपना ज्ञान या बिजनेस बढ़ाए और आगे बढ़कर कुछ नया करने का जनून बस होना चाहिये।
बीते दिनों एक 8वीं पास लड़की ने एक ऐप बनाकर तहलका मचाया। तो अब मेरठ के जाग्रति विहार में जन्मे रूड़की निवासी अरविंद कुमार गोयल जो पिछले 40 साल से वैज्ञानिक उपकरणों के उत्पादन से जुड़े हैं। के पुत्र शिवेश गोयल ने दो माह नौकरी करने के उपरांत उसे तिलांजली देकर 2016 में हैदराबाद से इंजीनियर के साइंटिफिक उपकरणों की सुपर मार्केट खोली। और आॅन लाईन उस पर इससे संबंध व्यापार शुरू किया। एक अखबार में छपी खबर के अनुसार अपनी पढाई के दौरान शिवेश गोयल ने महसूस किया कि साइंटिफिक उपकरणों का पढाई में बडा महत्व हैं और एक जगह सब आसानी से नहीं मिलते।
उन्होंने लगभग 10 हजार से अधिक उक्त उपकरणों के बाजार में कदम रखा है और आज वो अपने एक्सक्लूसिव ई-काॅमर्स पोर्टल से देश में पहली बार उपकरणों की सप्लाई करने का काम कर रहे हैं। उनकी ई काॅमर्स डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू डाॅट इंजीफिक डाॅट काॅम आईडी के माध्यम से अपने पिता के रूड़की में चल रहे कारोबार से देश के हर क्षेत्र में आॅन लाईन सांइटिफिक वैज्ञानिक उपकरण सप्लाई कर रहे हैं। और धीरे धीरे उनका नाम व काम दोनांे निरंतर आगे बढ़ रहा है। कहने का मतलब सिर्फ इतना है कि अगर युवा अपनी सोच को सकारात्मक रूख अपना कर किसी भी कार्य क्षेत्र में आगे बढ़ाए तो देर सवेर बिना ज्यादा रकम लगाए भी आज की तारिख में वो बड़ी उपलब्धियां और धन तथा नाम सब कमा सकता है। औरयह बात शिवेश गोयल सहित हिंदुस्तान ही नहीं दुनियाभर में छोटी उम्र के युवा कई मौके पर निरंतर सिद्ध कर रहे हैं।
इस संदर्भ में प्रापत होने वाली जानकारियों से मुझे यह लगता है कि पढाई तो जितना हो जाए उतना अच्छा है। हर क्षेत्र में आप जितना ज्ञान प्राप्त कर सकते हैं करें। बड़ी रकम लगाकर व्यवसाय शुरू करना चाहिये तो वो भी किया जा सकता है। मगर जो सबसे बडी बात है वो यह है कि आपको अगर शब्द ज्ञान है और कुछ नेट व गुगल व सोशल मीडिया से संबंध जानकारी है तो आप कम पूंजी और उम्र में अपनी काबलियत का ढंका पूरी दुनिया में बजाने और हर क्षेत्र में अपने नाम का सिक्का चमकाने में सफलता प्राप्त कर सकते हैं और इसके लिये हमारे युवाओं को किसी भी तरह की बैसाखी की आवश्यकता नहीं है। बस थोड़ा सा संयम व धैर्य से जूनून के साथ आप अपने काम को अंजाम दें। सफलता मिलना हर हाल में तय हैं और अगर थोड़ा सा आगे बढ़कर आप किसी भी क्षेत्र में अपना नाम और दाम कमाने की सोचते हैं तो ज्यादा नहंी कुछ वर्षाें के लिये रिश्तेदारी, भाईबंधू, दोस्ती दुनिया जहान की सारी बातों को भूलकर जिस प्रकार महाभारत में धनुधार अर्जुन द्वारा सिर्फ मछली की आंख को लक्ष्य बनाया गया था जो काम आप करने वाले हैं उसका टारगेट उसी प्रकार निर्धारित कर लें तो कुछ दिनों बाद सारे जहां में जो कुछ चमकते हुए सितारे मानव सोच वाले नजर आते हैं उनमे एक नाम आपका भी शामिल हो सकता है।
शिवेश गोयल की उपलब्धि के बारे में पढ़कर अच्छा लगा। और मुझ जैसे व्यक्ति को भी आगे बढ़ने और कुछ सोचकर नया करने की इच्छा जागृत हुई। शिवेश गोयल और उसका परिवार दोनों बधाई के पात्र है। क्योंकि अगर वो बढावा उन्हे नहीं देते और नौकरी छोड़ने पर हंगामा करते तो शायद गोयल ई काॅमर्स आॅन लाईन स्टोर नहीं खोल पाते और जैसे कुछ और संतुष्ट युवा यह सोचकर जीवन काटने लगते हैं कि जितना मिल गया ठीक है अब शादी करो और परिवार बढ़ाओ की श्रंृखला में उनका भी नाम शामिल हो सकता था।
अब तो माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की सकारात्मक सोच के परिणाम स्वरूप डिजिटल इंडिया व स्टार्टअप इंडिया जैसी योजनाएं देश के हर क्षेत्र में आगे बढ़ने और व्यवस्था को बदलने का पैगाम युवाओं को दे रहीं हैं। तथा कुछ करने के लिये इस मामले में आसानी से साधन भी उपलब्ध हैं। उनका उपयोग भी हमारे युवा अकेले या अपने जैसी सोच के कुछ युवाओं का एक गु्रप बनाकर किसी भी क्षेत्र में आगे बढ़ने का काम कर सकते हैं।
हां एक बात की सावधानी जरूर रखनी पड़ेगी की आगे बढ़ना है और सब काम निरंतर चलता रहे तथा जो दोस्ती एकता से शुरू हुई है वो आगे चलकर वटवृक्ष का रूप धारण करे तो हमें हर काम पारदर्शी वातावरण में लिखित में तय करके आगे बढ़ना चाहिये जिससे कभी भी किसी प्रकार की गलत फहमी आपस में पैदा न हो पाए।

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– रवि कुमार विश्नोई
राष्ट्रीय अध्यक्ष – आॅल इंडिया न्यूज पेपर्स एसोसिएशन आईना
सम्पादक – दैनिक केसर खुशबू टाईम्स
MD – www.tazzakhabar.com

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