यूपी में सर्वश्रेष्ठ विधायक पुरस्कार का जनता को मिलेगा लाभ

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लोकसभा सदस्यों को संसद में मिलने वाले सम्मान की भांति देश की राजधानी दिल्ली के बाद अब उप्र में भी विधायकों को श्रेष्ठ विधायक पुरस्कार और सम्मान मिलनें की शुरूआत हो सकती है। विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित जी की ओर से इस संदर्भ में किये जा रहे प्रयास अगर रंग लाए तो यह बात दावे के साथ कहीं जा सकती है कि इसका सीधा लाभ यूपी के मतदाताओं को मिलेगा और विकास मेें कुछ तेजी आएगी तथा विधानसभा में भी अनुशासन बनाने में भी सुविधा मिलेगी। क्योंकि हर विधायक जो जनसेवा करने या अपनी पार्टी को जनमानस में स्थापित करने की भावना के तहत चुनाव जीतकर विधानसभा में पहुंचेगा उसका सीधा सीधा प्रयास होगा कि स्वयं को अपने क्षेत्र में स्थापित और गौरांवित करने तथा पार्टी का सम्मान बढ़ाने के लिये यह प्रयास करें कि वो ही चुना जाए श्रेष्ठ विधायक। इस संदर्भ में छप रही खबरों के अनुसार उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित सर्वश्रेष्ठ विधायक पुरस्कार देने की परंपरा शुरू करने पर विचार कर रहे हैं। इसके लिये दीक्षित मुख्य उददेश्य सदन में अनुशासन कायम करना है। विधानसभा का बजट सत्र आठ फरवरी से शुरू होना है। पुरस्कार का उद्देश्य विधायकों को नियमों का पालन करने के लिए प्रोत्साहित करना ही होगा। उन्होंने कहा कि विधायकों को संसदीय शिष्टाचार एवं नियमों का पालन करने के लिए प्रोत्साहित करने के लक्ष्य से हम सर्वश्रेष्ठ सांसद पुरस्कार की तर्ज पर सर्वश्रेष्ठ विधायक पुरस्कार शुरू करने पर विचार कर रहे हैं। दीक्षित ने कहा कि बजट सत्र लंबा चलेगा। हम गुणवत्तापरक र्चचा चाहते हैं। स्वस्थ र्चचा होनी चाहिए। इस बार विपक्ष को अपने अवसर का बखूबी उपयोग करना चाहिए। विधानमंडल के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक में राज्यपाल के संबोधन पर परिर्चचा का पर्याप्त समय होगा। आम बजट और विभागीय बजट पर भी र्चचा के लिए समय होगा। सत्र से एक दिन पहले बुलाई जाएगी सर्वदलीय बैठकः विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि इस बार राज्यपाल के संबोधन के दौरान विपक्षी सदस्यों द्वारा सीटी बजाने, आसन की ओर कागज के गोले फेंकने और उसमें अवरोध पैदा करने जैसी घटनाएं नहीं होना चाहिए।
इसके लिये सत्ता पक्ष एवं विपक्ष दोनों के नेताओं से सदन की गरिमा बनाए रखने का आग्रह करेंगे। 15 मई 2017 को राज्यपाल राम नाईक के संयुक्त संबोधन के दौरान कई सदस्यों ने नारेबाजी की थी, उनके हाथों में प्लेकार्ड थे। सपा विधायक राजेश यादव लगातार 35 मिनट तक सीटी बजाते रहे थे। नाईक जिस समय सदन की संयुक्त बैठक को संबोधित कर रहे थे उस समय जबकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी सदन में मौजूद थे।

– रवि कुमार विश्नोई
राष्ट्रीय अध्यक्ष – आॅल इंडिया न्यूज पेपर्स एसोसिएशन आईना
सम्पादक – दैनिक केसर खुशबू टाईम्स
MD – www.tazzakhabar.com

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