मुंबई बंद: सड़कों पर उतरे प्रदर्शनकारी, बुलढाणा में बसों में तोड़फोड़, हालात तनावपूर्ण

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महाराष्ट्र में दलित और मराठा समुदाय के बीच भड़की हिंसा की लपटें मुंबई तक पहुंच गई है। मंगलवार को मुंबई और उसके आस-पास के शहरों में सुरक्षा के मद्देनजर बंद का ऐलान किया गया था। आज सुबह से ही महाराष्ट्र, मुंबई, पुणे के ठाणे में बंद का असर दिखने लगा है। इस बंद से सबसे ज्यादा स्कूल और कॉलेज प्रभावित हो रहे हैं। मुंबई के सीएम देवेंद्र फड़णवीस ने इस मामले में न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं। आज मुंबई की सभी लोकल ट्रेनें बंद हैं और बसें भी नहीं चल रही हैं। महाराष्ट्र में लोकल ट्रेन के सामने लोग विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। महाराष्ट्र के ठाणे में 4 जनवरी देर रात तक 144 धारा लागू रहेगी।

लाइव अपडेट्स
10.00 AM: सड़क पर बस जला दी गई।
9.30 AM: दलितों के बंद को काबू करने के लिए पुलिस ने कमर कस ली है, ठाणे में कई स्कूल बंद है।
जो भी बसें सड़कों पर दिख रही हैं, उन्हें जलाने की कोशिश की जा रही है।
9.05 AM: केंद्रीय गृहराज्य मंत्री हंसराज अहीर ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की और कहा कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा
9.00 AM: वर्ली में प्रदर्शनकारियों ने दो बसों में आग लगाई
8.55 AM: मुंबई डब्बावाला एसोशिएसन ने बताया कि आज ट्रांसपोर्टेशन समस्या होने की वजह से टिफिन समय पर पहुंचाना मुश्किल है। इसलिए आज यह सर्विस बंद की गई है।
8.50 AM: मुंबई में डब्बा सर्विस बंद। हर दिन दो लाख लोगों तक पहुंचता है खाने का डब्बा।
8.145 AM: सेंट्रल रेलवे के सीपीआरओ ने बताया कि कुछ प्रदर्शनकारियों ने ठाणे में रेल सेवा को प्रभावित करने की कोशिश की लेकिन आरपीएफ और जीआरपी के जवानों ने तुरंत उन्हें वहां से हटा दिया। सेंट्रल रेलवे पर फिलहाल बिना किसी रुकावट के ट्रेनों का परिचालन हो रहा है।
8.15 AM: ईस्टर्न एक्प्रेस हाईवे और घाटकोपर के रामाबाई कॉलोनी में सुरक्षा बढ़ाई गई।
8.15 AM: ठाणे में प्रदर्शनकारियों ने लोकल ट्रेन को रोकी।

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आपको बता दें कि मंगलवार को मुंबई के अलावा, हड़पसर व फुरसुंगी में सरकारी और प्राइवेट बसों पर पथराव किया गया. लगभग 134 महाराष्ट्र परिवहन की बसों को नुकसान पहुंचा है. हिंसा की वजह से औरंगाबाद और अहमदनगर के लिए बस सेवा निरस्त कर दी गई थी. मंगलवार शाम चार बजे के बाद पुणे से अहमदनगर के बीच सभी बस सेवाएं बहाल हो गईं.

साथ ही प्रदर्शन की वजह से मुंबई का ईस्टर्न हाइवे भी कई घंटों तक जाम रहा. डीजीपी गणेश शिंदे ने बताया कि भीमा-कोरेगांव में हुई हिंसा के मामले में पुणे के पिंपरी पुलिस स्टेशन में 2 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है.

क्या है मामला
भीमा-कोरेगांव की लड़ाई की 200वीं सालगिरह पर 1 जनवरी को आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान दो गुटों में भड़की हिंसा में एक शख्स की मौत हो गई थी। जिसके बाद ये हिंसा और भड़क गई। मुंबई, पुणे और महाराष्ट्र के कई और शहरों में तनाव फैल गया। पुणे में सोमवार को भीमा-कोरेगांव युद्ध की 200वीं सालगिरह पर हुई हिंसा की आग मंगलवार को राज्य के कई हिस्सों में फैल गई। मुंबई, औरंगाबाद ,अहमदनगर सहित तमाम शहरों में दलित संगठनों ने उग्र प्रदर्शन किया।
पुलिस प्रशासन ने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने सड़क मार्ग और रेलमार्ग को बाधित कर दिया। करीब 160 बसों में तोड़फोड़ की गई है। शुरुआती रिपोर्ट के मुताबिक हिंसा में सात पुलिसकर्मी चोटिल हुए हैं। उन्होंने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने मुंबई को नवी मुंबई से जोड़ने वाली हार्बर लाइन को बाधित कर दिया गया। मंगलवार सुबह ही प्रदर्शनकारियों के कई मुंबई के पूर्वी उपनगरों चेम्बूर, विक्रोली, मानखुर्द और गोवंडी, रमाबाई अंबेडकर नगर में दुकानों को जबरन बंद कराने की कोशिश की और बसों पर पत्थरबाजी की।

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आखिर क्या है भीमा कोरेगांव की लड़ाई

बता दें कि भीमा कोरेगांव की लड़ाई 1 जनवरी 1818 को पुणे स्थित कोरेगांव में भीमा नदी के पास उत्तर-पू्र्व में हुई थी. यह लड़ाई महार और पेशवा सैनिकों के बीच लड़ी गई थी. अंग्रेजों की तरफ 500 लड़ाके, जिनमें 450 महार सैनिक थे और पेशवा बाजीराव द्वितीय के 28,000 पेशवा सैनिक थे, मात्र 500 महार सैनिकों ने पेशवा की शक्तिशाली 28 हजार मराठा फौज को हरा दिया था.

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हर साल नए साल के मौके पर महाराष्ट्र और अन्य जगहों से हजारों की संख्या में पुणे के परने गांव में दलित पहुंचते हैं, यहीं वो जयस्तंभ स्थित है जिसे अंग्रेजों ने उन सैनिकों की याद में बनवाया था, जिन्होंने इस लड़ाई में अपनी जान गंवाई थी. कहा जाता है कि साल 1927 में डॉ. भीमराव अंबेडकर इस मेमोरियल पर पहुंचे थे, जिसके बाद से अंबेडकर में विश्वास रखने वाले इसे प्रेरणा स्त्रोत के तौर पर देखते हैं.

यातायात बाधित

प्रदर्शन के चलते मध्य रेलवे ने हार्बर लाइन पर कुर्ला से वाशी के बीच उपनगरीय रेल सेवा स्थगित कर दी। यह जानकारी मध्स रेलवे के जनमसंपर्क अधिकारी सुनील उदासी ने दी है। इसके साथ ही पुणे से अहमदनगर और औरंगाबाद जाने वाली राज्य परिवहन की बसे रद्द कर दी गई हैं। ईस्टर्न एक्सप्रेसवे बाधित होने की वजह से ट्रैफिक पुलिस ने कई रास्ते बदले हैं।

कई जिलों में धारा 144

प्रशासन ने हालात को काबू में लाने और अफवाहों को रोकने के लिए औरंगाबाद, पुणे और मुंबई के पूर्वी उपनगरीय इलाकों में धारा 144 लागू कर दी गई है। पुलिस ने बताया कि स्थिति सामान्य होने तक अधिसूचित इलाकों में निषेधाज्ञा लागू रहेगी।

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