मुलायम की बहु अर्पणा यादव के घूमर गीत नृत्य पर विवाद क्यों ?

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जानकारों के मौखिक कथन के अनुसार किसी रिलायंस कंपनी के पैसे और बैनर पर संजय लीला भंसाली द्वारा बनाई गई फिल्म पदमावती में दीपिका पादूकोण के रोल को लेकर जो विरोध हो रहा है। उसके बारे में कितनो को सही जानकारी है। यह तो नहीं कहा जा सकता। लेकिन हां अफवाहों और चर्चाओं के चलते हर तीसरा और चैथा व्यक्ति इस फिलम का विरोध कर रहा है। और इसमे
पदमावती के रोल को लेकर फिल्म की निंदा की जा रही है। ऐसे ही लोगों में मैं भी शामिल हूं। हमने भी फिल्म तो अभी नहीं देखी लेकिन यह सोचकर की जो विद्वान लोग इसका विरोध कर रहे हें और कुछ प्रदेशों की सरकारों ने इसके प्रदर्शन पर रोक लगाई है इसलिये फिल्म में कुछ न कुछ गलत तो जरूर होगा और तथ्यों को तोड़ मरोड़ कर निर्माता ने पेश किया। हमने भी इसका विरोध करते हुए दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। एक अखबार में छपी खबर के अनुसार फिल्म को लेकर पूरे देश में करणी सेना द्वारा रानी पदमावती और अलाउदीन खिलजी के रिश्ते को गलत ढंग से दिखाने का विरोध किया गया कहीं भी अभी तक यह पढ़ने को नहीं मिला कि फिल्म के घूमर नृत्य का भी विरोध किया जा रहा है। जीवन में गीत और संगीत व नृत्य अपना महत्वपूर्ण स्थान रखते हैं। और राजस्थानी नृत्य तो पूरी दुनिया में प्रसिद्ध हैं। इसलिये पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम ंिसह के पुत्र प्रतीक यादव की पत्नी अर्पणा यादव द्वारा अपने भाई की शादी में किये गए घूमर नृत्य को लेकर विरोध किया जाना मेरी निगाह में मात्र कुछ लोगों की छपास खोरी की भूख और कुछ मीडिया द्वारा अपनी टीआरपी बढ़ाने का प्रयास ही कहा जा सकता है। बताते चले कि अर्पणा यादव के भाई अमन बिष्ट की सगाई लखनउ के ही साउ एजेंसी के मालिक संजय साहू के बेटे से तय हुई।
सगाई समारोह में अपने पति प्रतीक यादव के साथ अर्पणा यादव भी मौजूद थी। संगीत प्रेमी और हमेशा अपनी बात स्पष्टता से कहने के मामले में अग्रणी अर्पण यादव ने भाई की सगाई समारोह में घूमर गीत नृत्य पर जोरदार डांस किया जो एक बहन के नाते अपने भाई की सगाई की खुशी में उन्हे करना भी चाहिये था। इस अत्यंत व्यक्तिगत घरेलू आयोजन को पहले तो एक एजेंसी द्वारा आम किया गया और फिर बिना सोचे समझे कुछ लोगों केा प्रेरित कर इसकी आलोचना करने और टीआरपी बढ़ाने के लिये प्रेरित किया गया। लेकिन जो भी हो मुझे लगता है कि घूमर पर डांस कर अर्पणा ने कुछ गलत नहंी किया। और न ही फिल्म का समर्थन किया। ऐसे में अपने लाभ के लिये कुछ छपासखोरांे के द्वारा किया गया यह प्रयास पूरी तौर पर निदंनीय ही कहा जा सकता है। क्योंकि एक तरफ हम मां बहनों के सम्मान की लड़ाई लड रहे हैं और अनेकों संगठन उनके सम्मान और उन्हे बराबर का अधिकार दिलाने के लिये संघर्ष कर रहे है। अभिव्यकित की स्वतंत्रता हेतु हर स्तर पर प्रयास हो रहे हैं। ऐसे में सस्ती लोकप्रियता के लिये यह सब किया गया लगता है । अर्पणा यादव प्रदेश की राजनीति में अपना एक महत्वपूर्ण स्थान रखने वाले सपा के संस्थापक मुलायम ंिसंह यादव और सपा के अध्यक्ष अखिलेश यादव परिवार से संबंध हैं इसलिये मुझे लगता है कि उन्हे विवाद में फंसाने हेतु अर्पणा के घूमर नृत्य को मुददा बनाने की कोशिश की जा रही है। मेरा मानना है कि अर्पणा ने कुछ गलत नहीं किया वो एक सुलझे विचारों की स्पष्टवादी संगीत प्रेमी और समाजसेवी महिला नेता हैं।
मुलायम सिंह यादव परिवार का घूमर गीत पर नृत्य विवाद में घसीटने वालों को जवाब देना चाहिये और महिला के अधिकारों व हितों की बात करने वालों को भी आगे बढ़कर अर्पणा के समर्थन में खड़ा होना चाहिये। क्योंकि उन्होंने किसी भी स्तर पर फिल्म रानी पदमावती या उसकी हिरोईन दीपिका पादूकोण अथवा
अलाउदीन खिलजी की भूमिका निभा रहे रणवीर ंिसंह व फिल्म निर्माता का किसी भी स्तर पर समर्थन नहंी किया और नृत्य तो नृत्य होता है। उसे किसी फिल्म या व्यक्ति से नहीं जोड़ा जा सकता। कुछ दिन पूर्व हैदराबाद में एक सम्मेलन में अमेरिका के राष्ट्रपति की बेटी इंवाका द्वारा खुलकर महिला अधिकारों की बात कहीं गई थी। और हमारे पीएम ने भी उनका सम्मान किया गया ऐसे में मुलाकात के दौरान ऐसे में इतनी जल्दी एक महिला को विवादों में खींचना जाना किसी भी रूप में उचित नहीं कहा जा सकता।

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– रवि कुमार विश्नोई
राष्ट्रीय अध्यक्ष – आॅल इंडिया न्यूज पेपर्स एसोसिएशन आईना
सम्पादक – दैनिक केसर खुशबू टाईम्स
MD – www.tazzakhabar.com

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