उत्तराखंड में अब डाॅक्टरों को नहीं मिलेगा वीआरएस

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नई दिल्ली। प्रदेश सरकार अब किसी भी Doctor को स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति नहीं देगी। सचिव स्वास्य नितेश झा ने निर्देश दिए हैं कि राज्य में डाॅक्टरों की भारी कमी को देखते हुए किसी भी Doctor के स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति के आवेदन को मंजूर करने की सिफारिश नहीं की जाएगी। बता दें कि प्रदेश में जब भी किसी डाॅक्टर का सुगम से दुर्गम में तबादला होता है तो उनमें से बहुत से Doctor VRS के लिए आवेदन कर देते हैं। ऐसे में उन्हें Retirement के लाभ मिल जाते हैं लेकिन अब जब उनकी VRS की अर्जी मंजूर ही नहीं होगी तो फिर Transfer पर नई तैनाती पर न जाने पर उनके खिलाफ Suspension या Dismissal की कार्रवाई की जा सकेगी जिससे तबादला आदेश लागू करने में मदद मिलेगी क्योंकि अब उसे न मानने पर उनके Pension लाभ आदि फंस जाएंगे। स्वास्थ सचिव निदेश झा ने सचिवालय में Health Department के अधिकारियों के साथ प्रदेश में स्वास्थ एवं चिकित्सा सेवाओं के गुणवत्तापरक सुधार को लेकर बैठक की। उन्होंने स्वास्थ विभाग के अधिकारियों को अस्पतालों में चिकित्सकों व अन्य कर्मचारियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए उपस्थिति अनिवार्य करने के लिए Biometric Machines लगाने के निर्देश दिए।

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