बिल्डरों के बंधक प्लॉटों में गोलमाल, गिरेगी गाज

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कमिश्नर ने शहर की निजी कालोनियों में बिना विकास कार्य कराए निकलने वाले बिल्डरों पर कार्रवाई की तैयारी तेज कर दी है। एमडीए से शहर की सभी प्राइवेट कालोनियों की जांच रिपोर्ट मांगी गई है। इसमें एमडीए को बताना होगा कि कौन-कौन सी कालोनियां ऐसी हैं जहां बंधक प्लॉटों को बेचकर बिल्डर बिना विकास कार्य पूर्ण कराए निकल गए हैं।

इनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। कमिश्नर डा. प्रभात कुमार को बड़े पैमाने पर ऐसी शिकायतें मिली हैं जिनमें बिल्डरों ने विकास कार्य नहीं कराए और कालोनी छोड़कर निकल गए। एमडीए निजी कालोनियों का ले-आउट पास करते वक्त ही कुछ प्लॉटों को बंधक बनाता है, ताकि विकास कार्य अगर बिल्डर पूरे न कराए तो इन्हें बेचकर काम कराया जा सकें। ऐसी शिकायतें मिली हैं जिनमें एमडीए इंजीनियरों से मिलीभगत कर कुछ बिल्डरों ने बंधक प्लॉट बेच दिए।

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कमिश्नर ने इस संबंध में एमडीए अफसरों से कालोनीवार रिपोर्ट तलब की है। इसके बाद एमडीए में बड़े पैमाने पर निजी कालोनियों की गोपनीय जांच हो रही है। कालोनियों के लेआउट का मौके से मिलान किया जा रहा है। देखा जा रहा है किस कालोनी में विकास कार्य अधूरे हैं और उस कालोनी के बंधक प्लॉटों की स्थिति क्या है। जहां प्लॉट बंधक हैं और काम अधूरे हैं, वहां इन प्लॉटों को बेचकर एमडीए काम कराएगा और नगर निगम को हैंडओवर करेगा।

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जहां बंधक प्लॉट बेच दिए गए हैं, उन कालोनियों के बिल्डरों पर कानूनी शिकंजा कसा जाएगा। कमिश्नर ने इस संबंध में पूरी गाइडलाइन एमडीए को भेजी है। एमडीए वीसी सीताराम ने जांच की पुष्टि करते हुए कहा निजी कालोनियों को नगर निगम को हैंडओवर करने को इनमें विकास कार्य कराने जरूरी हैं।

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srclh

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