कौन बनेगा पतंजलि का ‘उत्‍तराधिकारी’, योग गुरु रामदेव ने किया खुलासा, 4 साल में बन जाएगा दुनिया की सबसे बड़ा FMCG ब्रांड

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नई दिल्‍ली। स्‍वदेशी उत्‍पादों की लोकप्रियता की दम पर 10 हजार करोड़ रुपए का कारोबारी साम्राज्‍य खड़ा करने वाले योग गुरु बाबा रामदेव ने घोषणा की है कि उन्‍होंने पतंजलि समूह के अगले उत्‍तराधिकारी के लिए योजना बना रखी है। शनिवार रात 10 बजे इंडिया टीवी पर प्रसारित होने वाले कार्यक्रम आप की अदालत में बाबा रामदेव ने कहा कि 2018-19 तक पतंजलि यूनीलिवर को पीछे छोड़ देगी और 2020-21 में पतंजलि दुनिया का सबसे बड़ा एफएमसीजी ब्रांड बन जाएगा।

बाबा रामदेव ने कहा कि उनके बाद उनके उत्‍तराधिकारी 500 साधुओं का एक दल होगा, जिन्‍हें उनके द्वारा प्रशिक्षित किया गया है। इंडिया टीवी के शो आप की अदालत में रजत शर्मा के सवालों के जवाब में 52 साल के स्वामी रामदेव ने कहा: ”मैं छोटा नहीं सोचता। मैं बड़ा सोचता हूं। मैं अपने देश के बारे में 500 साल आगे तक सोचता हूं। पतंजलि ग्रुप के बारे में 100 साल आगे तक सोचता हूं। मैं जाने के बाद उत्तराधिकारी छोड़ कर जा रहा हूं। मेरा उत्तराधिकारी कोई व्यापारी या संसारी व्यक्ति नहीं होगा, उत्तराधिकारी 500 साधु होंगे, जिनको मैंने प्रशिक्षित किया है।

एक टॉक शो में योगगुरू ने कहा कि अगले दो सालों में पतंजलि एक लाख करोड़ रुपये की उत्‍पादन क्षमता हासिल करेगा. अभी हमारी हरिद्वार इकाई की उत्‍पादन क्षमता 15,000 करोड़ है और तेजपुर की 25,000 करोड़ रुपये. हमारी नई इकाईयां नोएडा, नागपुर, इंदौर और आंध्र प्रदेश में आ रही हैं. हमारे पास 50 छोटी इकाइयां हैं, जहां हम खाद्य तेल, नमक, आदि बना रहे हैं. यहां तक कि अगर हम 1 लाख करोड़ रुपये की उत्पादन क्षमता हासिल करते हैं, तो यह 10 लाख करोड़ रुपये के कुल बाजार का 10 फीसदी हिस्सा ही होगा.”

उन्‍होंने आगे यह भी कहा कि कंपनी जल्‍द ही जींस, ट्राउजर्स, कुर्ता, कमीज, सूटिंग, स्पोर्ट्सवियर और योग वियर भी बेचेगी.इसके साथ ही उन्‍होंने वित्‍त मंत्री अरुण जेटली से गाय के घी और मक्‍खन पर बढ़ाई गई जीएसटी की दर को भी कम करने की मांग की.उन्‍होंने चीनी और विदेशी उत्‍पादों के बहिष्‍कार करने की बात कही, लेकिन विदेशी बाजारों में भारतीय उत्‍पादों के निर्यात की वकालत भी की.

हालांकि उन्‍होंने कहा कि पतंजलि समूह गरीब देशों का शोषण नहीं करेगा.. “चाहे वह बांग्लादेश, नेपाल, यहां तक कि पाकिस्तान या अफ्रीकी देश हों, हम वहां से जो भी लाभ कमाएंगे, उसे भारत नहीं लाएंगे, बल्कि वहीं पैसा फिर से निवेश करेंगे”.योग गुरु ने यह भी कहा कि उन्‍होंने अपनी कंपनी के लिए कभी भी राजनीतिक संपर्कों का इस्‍तेमाल नहीं किया. उन्‍होंने कहा कि मैं पूरी जिम्‍मेदारी के साथ यह कह सकता हूं कि मैंने मोदी सरकार से एक पैसा भी नहीं पाया है.

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