प्रदेश के 22 करोड़ नागरिकों की भावनाओं पर खरा उतरेगे राजीव कुमार

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मुख्यमंत्री व यूपी के 51वें मुख्य सचिव के प्रयासों से प्रदेश में जनसमस्याएं होगी दूर आम जनता है खुश, जन्मदिन पर मिली उपलब्धि की खुशियां सबको होगा एहसास

यूपी में हर क्षेत्र में सुधार और जनता की समस्याओं को दूर करने के लिए भरपूर प्रयास कर रहे प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एवं अपनी सरकार के कार्यकाल के 100 दिन की उपलब्धियां बता रहे थे दूसरी और 36 साल की सरकारी सेवा पूरी कर चुके अत्यंत ईमानदार और हंसमुख व मिलनसार तथा अपने कार्यक्षेत्र में आने वाली जनसमस्याएं दूर कर संतोष और खुशी का अहसास करने वाले केन्द्र सरकार में अभी तक जहाज रानी मंत्रालय में सचिव के पद पर तैनात राजीव कुमार आईएएस समय से पूर्व केन्द्र में प्रतिनियुक्ति से वापस लौट 22 करोड़ की आबादी वाले इस विशाल प्रदेश के मुख्य सचिव बनने की तैयारी कर रहे थे। कुल मिलाकर कहने का मतलब यह है की दोनो ही शुभ कार्य एक साथ चल रहे थे। एक सरकारी हुकूमरान और दूसरा जनप्रतिनिधि प्रदेश की समस्याओं के समाधान और शासन की योजनाओं को लागू करने की नीति निधारण करने में लगे थे। 29 जून को श्री राजीव कुमार द्वारा प्रदेश के 51वें मुख्य सचिव का कार्यभार सम्भाल लिया गया। जनता यह उम्मीद कर रही है की विकास की लहर चलेगी और समस्याओं का समाधान होगा।
यह कितना अजब सहयोग है की यूपी की बागडोर जनप्रतिनिधि के रूप में उतरांखड में जन्में योगी आदित्यनाथ जी सम्भाल रहे है तो सबसे मुख्य प्रशासनिक पद मुख्य सचिव भी साधु स्वभाव के 1958 में श्रीमति सरोज सिंह और सेतु निगम में निदेशक रहे बृजेन्द्र सिंह के यहां विश्व प्रसिद्ध धार्मिक नगरी हरिद्वार में जन्में राजीव कुमार अब मुख्य सचिव के रूप में प्रशासन की कार्य की चाल तेज और समस्याओं का समाधान करेगे। लखनऊ के जुबली इंटर काॅलिज तथा लखनऊ विश्व विद्यालय से भौतिक विज्ञान में एमएससी तक की शिक्षा प्राप्त कर हाॅवर्ड विश्व विद्यालय से मास्टर इन पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन (एमपीए) की शिक्षा ग्रहण करने के बाद भारत सरकार के मंत्रालय में संयुक्त सचिव अपर सचिव, विशेष सचिव पेट्रोलियम तथा जहाजरानी मंत्रालय में सचिव का दायित्व निभा चुके राजीव कुमार ने उप्र में सेवाएं दी हैं व सहारनपुर और मेरठ मंडल के आयुक्त भी रह चुके हैं। मथुरा और फीरोजाबाद के जिलाधिकारी के अलावा वह सचिव औद्योगिक विकास एवं प्रबंध निदेशक उप्र राज्य औद्योगिक विकास निगम, कानपुर एवं निदेशक सूडा के पद पर रहे हैं। प्रशिक्षण के बाद 25 जून 1982 को सहायक मजिस्ट्रेट मीरजापुर, से उन्होंने अपनी प्रशासनिक सेवा शुरू की। फिर कानपुर देहात में एक्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट, अलीगढ़ में सिटी मजिस्ट्रेट, उद्योग विभाग में अनुसचिव, संयुक्त सचिव, पिकप में उप निदेशक प्रबंधन, नियुक्ति विभाग में संयुक्त सचिव समेत कई महत्वपूर्ण पदों पर रहे और आज जहां से शिक्षा ग्रहण की वहां बैठकर पूरे प्रदेश का संचालन श्री राजीव कुमार द्वारा किया जायेगा।
इसे अभूर्तपूर्व संयोग ही कह सकते है कि जहां परिवार के सदस्य 28 जून को उनका जन्मदिन मना रहे थे तो वही दूसरी तरफ यूपी सरकार उन्हे प्रदेश शासन के सवोच्च पद मुख्य सचिव पद का तोहफा देने की तैयारी कर रही थी।
1981 बैंच के सुलझे विचारों के श्री राजीव कुमार का स्पष्ट मानना है की सरकार की प्राथमिकता ही उनकी शीर्ष प्राथमिकता होगी। उन्होंने पत्रकारों से कहा कि मेरा व्यक्तिगत अनुभव है कि जो कार्य नियमानुसार और नियमानुकूल है उसे करने में किसी भी अफसर या सरकारी कर्मी को परेशानी नहीं होनी चाहिए। लेकिन जो नियमानुकूल नहीं है उसके लिए सामने वाले को विनम्रता के साथ वास्तविक व सही बातें बताकर साॅरी बोलने मे कोई गुरेज नहीं करना चाहिए। लोग परेशानियों को जरूर समझेंगे। राजनीतिक दबावों से जुड़े एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि जनता द्वारा चुनकर भेजे गए जन प्रतिनिधियों से काफी अपेक्षाएं रहती हैं इसलिए नियमों के दायरे मे रहकर उनकी समस्याओं को दूर करना हमारी जिम्मेदारी होती है।
मेरठ मंडल के समाजिक राजनैतिक धार्मिक और शैक्षिक क्षेत्रों में अपने समय पर जाना पहचाना नाम श्री मूलचंद्र शास्त्री श्रीमति शकुतला शास्त्री के नाती श्री राजीव कुमार को मानवीय गुण अपने नाना व मामा श्री अशोक शास्त्री से मिले सरकारी नौकरी में आने से पूर्व 6 माह तक बैक में नौकरी करने वाले मीठी चटनी और किक्रेट के शौकीन राजीव कुमार का व्यवहार भी बिल्कुल क्रिकेट के खेल की तरह चाक चैबंद और मीठी चटनी की भांति हर आदमी का दिल मोह लेने वाला है। चिकित्सा विभाग में कार्यरत अपनी धर्मपत्नि प्रीति कुमार से भी दुखियों के दुख दूर करने और गरीबों की समस्याओं का समाधान करने में श्री सिंह को काफी सहयोग मिलता है। उनकी मासी श्रीमति वीणा शास्त्री श्री राजीव कुमार के गुण जो गिनाती है। वो पूरी तौर पर सही लगते है क्योकि 2003 से 2005 के बीच मेरठ में वो कमिश्नर के रूप में कार्यरत थे तो उनसे काफी एक पत्रकार के रूप में काफी मिलना जुलना रहता था तथा जब वो प्रधानमंत्री कार्यालय में ज्वाइंट सेके्रटी थे तब उनसे मिलना हुआ और हमेशा ही ऐसा लगा की राजीव कुमार साहब किसी भी पद पर रहे उनका स्वभाव और मानवीय गुण जनसमस्याओं के समाधान और अपनों को सम्माने देनें में उन्हे कभी पीछे नही रहने देगे।
मृदू भाषी यूपी के मुख्य सचिव के पैतृक गांव बुलंदशहर के कस्बा जंगीराबाद के कोतवाली क्षेत्र के गांव शेखपुर रौरा में निरंतर खुशिया मनायी जा रही है और वहां के नागरिक उनकी तारीफ करते नही थक रहे है। दो बच्चों के पिता श्री कुमार की पुत्री जहां अमेरिका से एमबीए की पढ़ाई कर रही है वही उनके पुत्र अर्जून इंजीनीयरिंग की शिक्षा प्राप्त कर रहे है।
बचपन से आदर्श और मानवीय गुणों का महत्व समझने की मजबूत इच्छा शक्ति के मालिक मुख्य सचिव श्री राजीव कुमार के बारें में जितना जाना और पढ़ा तथा वरिष्ठ होमोपैथिक चिकित्सक डाॅ. ईश्वर सिंह, वरिष्ठ स्वतंत्र पत्रकार डाॅक्टर संजय गुप्ता, प्रमुख राजनेता समाजसेवी चैधरी यशपाल सिंह, वरिष्ठ अधिवक्ता श्री गजेन्द्र सिंह धामा एवं माननीय पदमश्री चैधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के पूर्व कूलपति डाॅ. रविन्द्र कुमार, विद्या प्रकाशन समूह के चेयरमेन श्री प्रदीप जैन, आॅनलाईन न्यूज चैनल ताजाखबर.काॅम के चेयरमेन तथा सोशल मीडिया एसोसिएशन के राष्ट्रीय महामंत्री श्री अंकित बिश्नोई एवं कौमी एकता संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष संदीप गुप्ता ऐल्फा तथा रिश्तों का संसार के निदेशक महेश शर्मा आदि से जो सुना और जितना मै जनता हुं उसकों दृष्टिगत रख यह बात विश्वास के साथ कही जा सकती है की यूपी के मुख्यमंत्री जब अपने 200 दिन के कार्यकाल की उपलब्धियां गिनायेगे तो योगी आदित्यनाथ जी और राजीव कुमार जी के प्रयासों से यूपी में काफी सुधार हो चुका होगा और जनता को यह एहसास होगा की जो वाकई में उपलब्धि गिनायी जा रही है वो सही है और दोनो का तालमेल अगर बना रहा तो 5 साल में यूपी की अनेक समस्याओं का समाधान भी हो सकता है।

-रवि कुमार विश्नोई
संस्थापक व राष्ट्रीय सम्पादक – दैनिक केसर खुशबू टाईम्स
अध्यक्ष – आॅल इंडिया न्यूज पेपर्स एसोसिएशन आईना

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