UP के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के ससुराल में आज भी नहीं है बिजली ….

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लखनऊ। “दामाद हमारा यूपी का डिप्टी सीएम है लेकिन हमारे गांव में ही नहीं है बिजली”। यह कहना है उत्तर प्रदेश के कौशांभी जिले के खूझा गांव वालों का।

खूझा गांव के दामाद हैं यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य, लेकिन इस गांव में विकास के नाम पर कुछ नहीं है। 300 की आबादी वाले इस गांव में अभी तक बिजली भी नहीं पहुंची है।

गांव वालों का कहना है कि आजादी के बाद से ही हमारे गांव में बिजली नहीं आयी है। यहां तक की प्रधानमंत्री योजना के तहत गावों में बिजली पहुँचाने वाली लिस्ट में भी इस गांव का नाम नहीं है। खूझा गांव के लोगों को अब उम्मीद है कि उनके गांव के दामाद केशव प्रसाद मौर्य उनके लिए कुछ करेंगे।

इस गांव में आजादी के 70 साल बीत जाने के बाद भी अंधेरा ही अंधेरा है. सरकार ने भले की पंडित दीनदयाल ग्रामीण ज्योति योजना के तहत गांव-गांव बिजली पहुंचाने का ऐलान किया हो, लेकिन इसे केशव मौर्य के ससुरालियों की बदनसीबी ही कहेंगे कि विद्युत विभाग की तरफ से विद्युतीकरण की लिस्ट में भी खूझा गांव का नाम नहीं है.

वहीं इस मामले अधिकारीयों का कहना है कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं है कि खूझा गांव में बिजली नहीं है.बिजली ही नहीं आधुनिक युग मे बदहाली का दंश झेल रहा खूझा गांव के लोग शिक्षा के क्षेत्र में भी बहुत पीछे हैं. गांव के बच्चे ढ़िबरी के सहारे पढ़ाई लिखाई तो जरूर करते है, पर उनके भविष्य पर बिजली की कमी कुंडली मार कर बैठी है.

विकास की राह में कोसो दूर खड़ा खूझा गांव के लोगों के लिए बिजली की कमी कितना सताती है इसका अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है. इस भीषण गर्मी में लोगों का बुरा हाल है. दहेज में मिला टीवी, फ़्रिज, कूलर आदि आधुनिक समान कूड़े की तरह एक कोने में पड़े हैं.

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