अगर आपके स्मार्टफोन में वाइरस है? तो इन तरकीबों से लगाएं पता

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नई दिल्ली: दुनियाभर में सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया जाने वाला ऑपरेटिंग सिस्टम है ऐंड्रॉयड। इसके दुनियाभर में 100 करोड़ से ज्यादा यूजर्स हैं। ऐंड्रॉयड यूजर्स को अपने जाल में फंसाने के लिए हैकर्स नई-नई तरकीबें आजमाते रहे हैं ताकि आप कोई संदिग्ध ऐप डाउनलोड करें और वे आसानी से आपसे जुड़ी गुप्त जानकारी हासिल कर लें।

आइए, आपको बताते हैं फोन में वाइरस का पता लगाने के तरीके…

अनचाहे ऐप हैं तो समझें आपके फोन में वाइरस है
कुछ ऐसे भी ऐप होते हैं जो बिना आपकी जानकारी के ही आपके मोबाइल में इंस्टॉल हो जाते है। ट्रोजन मैलवेयर के जरिए आपके मोबाइल फोन को नुकसान पहुंचाने वाले ऐप ऑटोमैटिक डाउनलोड हो जाते हैं।

यदि आपका डेटा ज्यादा खर्च होने लगे तो वाइरस है
अगर अचानक से आपके मोबाइल का डेटा पहले के मुकाबले ज्यादा तेजी से खर्च होने लगे, तो इसकी एक वजह आपके मोबाइल में घुसपैठ करने वाले वाइरस भी हो सकते हैं। तो समझ जाएं कि आपका मोबाइल या टैब वाइरस की चपेट में है।

अचानक से आने वाले पॉप-अप्स का मतलब आपके फोन में वाइरस है
अगर आप पॉप अप्स, नोटिफिकेशन्स, अनचाहे रिमाइंडर और सिस्टम वार्निंग जैसे नोटिफिकेशन्स पर क्लिक करते हैं तो इससे भी आपके डिवाइस में वाइरस बढ़ता जाता है। इसलिए ऐसे रिमाइंडर्स और सिस्टम वॉर्निंग्स पर क्लिक करने से बचें और ऐसी साइटों पर जाएं ही मत जहां यह ज्यादा दिखते हों।

ज्यादा बैटरी खर्च होने का मतलब आपके फोन में वाइरस है
वाइरस से न सिर्फ आपके मोबाइल का डेटा खर्च होता है बल्कि आपके मोबाइल की बैटरी पर भी यह काफी प्रभाव डालता है। एक बार वाइरस वाले ऐप को डाउनलोड करने के बाद आप यह नोटिस कर सकते हैं कि आपके फोन की बैटरी तेजी से डाउन हो रही है।

सोर्सखबरइंडिया

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