मिजोरम व नागालैंड के जवानों ने पंजाब चुनाव के दौरान मारकर खाए कुत्ते

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लुधियाना 13 फरवरी। अपने स्वादिष्ट व्यंजनों तथा अतिथि देवो भव के सेवा भाव की भावना के लिये प्रसिद्ध पंजाब के अधिकारियों को उस समय अजिब कठिनाईयों का सामना करना पडा जब निष्पक्ष रूप से यहां विधानसभा चुनाव चार फरवरी को संपन्न कराने हेतु 15 राज्यों की पुलिस व अर्द्ध सैनिक बलों सहित 500 से ज्यादा कंपनियों में शामिल मिजोरम व नागालैंड आदि के जवानों ने अपने मीनो में कुत्ते का मांस खाने की फरमाईश के साथ साथ उन्हे एक सूची सौंपी जिसमे दर्शाया गया कि कभी कभी सांप बिच्छू व चूहें भी स्वाद बदलने के लिये खा सकते हैं। उनका कहना था कि कुत्ते का मास खाने से शरीर में सर्दी के बाद भी गर्मी रहती है और वो इसे खाए बिना नहीं रह सकते। बताते चले कि मिजोरम के नागालैंड में कुत्तों का मीट लेगूलर चिकन व मटन के तौर पर उपयोग होता है वहां के भीमापुर क्षेत्र में बुधवार के दिन नियमित रूप से कुत्तों का मांस बेचने की मंडी लगती है। और यह मांस 180 से लेकर 200 रूपये तक बिकता है। दिल्ली से प्रकाशित दैनिक समाचार पत्र पंजाब केसरी के 13 फरवरी के अंक में प्रथम पृष्ठ पर सूत्रों के हवाले से छपी खबर में निर्वाचन का काम संपन्न कराने में आए सुरक्षा बलों के खानपान कराने में लगे अधिकारियों के सामने एक अजीब स्थिति उत्पन्न कर दी और छपी खबर के अनुसार उन्होंने यह उपलब्ध कराने से असमर्थता व्यक्त की तो बताते हैं कि इन राज्यों की सुरक्षा बलों रात के अंधरे का फायदा उठाकर गांवों व सड़कों पर घूमने वाले आवारा कुत्तों को काबू में कर अपनी यूनिट में बनाकर खाया गया।

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