देश के हीरो बन गए हैं नरेंद्र मोदी

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पीओके में सेना की कार्यवाही उचित, इंदिरा गांधी के बाद प्रधानमंत्री की हो रही है इतनी तारीफ

लोकसभा चुनाव से पूर्व मोदी द्वारा कहे गए शब्द की आवश्यकता पड़ी तो पाक में घुसते चले जाएंगे। कार्रवाई के लिये 36 इंच का सीना चाहिये कि विभिन्न मौकों पर होने वाली आलोचना 18 सितंबर को उड़ी की सेना मुख्यालय पर आतंकी हमले के बाद पाक कब्जे वाले कश्मीर में चल रहे आतंकियों के सात ठिकानों पर हमला कर 38 आतंकवादियों को फौज ने मार गिराया। और प्रधानमंत्री की आलोचना चारो ओर प्रशंसा में बदल गई। मजबूत इच्छा शक्ति दिखाते हुए पीएम नरेंद्र मोदी द्वारा सर्जिकल स्ट्राइक का आदेश दिया गया। इस आॅपरेशन में मनोहर पारिकर रक्षामंत्री का अहम रोल रहा। इस तानाबाना बुन रणनीति बनाई। अजित डोभाल ने तो ले जनरल रणवीर सिंह ने पूरे आॅपरेशन को लीड किया तथा इस दौरान उच्च स्तर पर निरंतर संपर्क बनाए रहे। 150 कमांडों ने चार घंटे की कार्यवाही में जहां सात कैंप तबाह किया। वहीं 38 आतंकवादी भी मार गिराए। समाचार पत्रों में छपी खबरों के अनुसार पूरे आॅपरेशन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रक्षा मंत्री मनोहर पार्रिकर सहित तमाम जिम्मेदार निर्णय लेने में सक्षम राजनेता तथा प्रधानमंत्री ओर सेना के अफसर या तो सजगह रहे या कंट्रोल रूप में बने रहे। शायद यह पहला अवसर रहा जब पाकिस्तान बंगलादेश युद्ध के दौरान उस समय की प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा लिए गए निर्णयों के लिये उन्हे दुर्गा की उपाधि देते हुए सारे देश ने सराहा था। और उन्हे हर निर्णय लेने की छूट आपसी व वैचारिक मतभेद भूला दी गई थी। अब कुछ वेसा ही नजारा देशभर में नजर आ रहा है। क्योंकि सभी राजनीतिक दलों कांग्रेस, बसपा, सपा जदयू, आप, राजद, रालोद के साथ ही जमीयत उलेमा ए हिंद और देवबंद उलेमा ने सही एआईएमआईएम के असदवुद्दीन औवेसी ने भी हमले की कार्यवाही की सराहना करते हुए सेना व देश के साथ एकजुट खड़ा रहने का संकल्प दोहराया है। उप्र के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव सपा मुखिया मुलायम सिंह, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह, कांग्रेस के सांसद राहुल गांधी, अरूण जेटली, कैंद्रीय सूचना राज्यमंत्री राज्यवर्धन ंिसह राठौर, राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ सरसंघ चालक मोहन भागवत ने तथा मेरठ हापुड़ लोकसभा क्षेत्र से सांसद राजेंद्र अग्रवाल ने भी इसका समर्थन और सेना की इस कार्यवाही की जमकर सराहना की जबकि बसपा के राज्य सभा सदस्य बाबू मुनकाद अली व देश के
उद्योगपतियों आदि ने इस हमले के लिये सेना की सराहना की। इस हमले के बाद पंजाब और उप्र समेत तीन राज्यों में हाई अल्र्ट सीमा से सटे इलाकों में स्कूल अनिश्चिितकाल के लिये बंद छह जिलों के चिकितसकों, पुलिसकर्मियों, फायरबिग्रेडरकर्मियों आदि की छुटिटयां रदद कर दी गई है। तो वहीं गुरूदासपुर व पठानकोठ के अस्पतालों को ब्लड ग्रुप स्टोर करने के आदेश तथा भारत पाक सीमा से सटे एक हजार गांव खाली करा दिए गए हैं। दूसरी ओर सेना, वायु सेना, बीएसएफ आदि सहित सुरक्षा बल के जवानों को पूरी तौर पर अलर्ट और हर स्थिति से निपटने के लिये तैयार बताए गए तथा इनमे छुटिटयां भी रद की जा चुकी है। तो पूर्व रक्षा मंत्री समाजवादी पार्टी के राष्टीय अध्यक्ष मुलायम सिंह ने कहा पीओके को वापस लेने का समय आ गया है। सोनिया गांधी का कहना है कि आतंकवाद से निपटने के लिये कांग्रेस सरकार के साथ है। केंद्रीय सूचना राज्यमंत्री राज्यवर्धन राठौर का यह कहना कि सीमा उल्लघंन का सवाल नहीं पूरा कश्मीर हमारा है। कुल मिलाकर यह कहा जा सकता है कि इस हमले के संदर्भ में राष्ट्रपति उप राष्टपति व पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन से बात कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा सही समय पर अपनी छवि के अनुकूल ठीक निर्णय लिये गए। हमले के संदर्भ में बीस लाख के आसपास के लोगों ने गुगल से जाना सर्जिकल स्ट्राइक क्या होता है। दूसरी ओर नागरिक सोशल मीडिया पर खूब सक्रिय रहे। अपनी राय देने के साथ साथ जानकारियां भी करते रहे तथा जिम्मेदारों की हौंसला अफजाई भी करने में पीछे नहीं रहे। कुल मिलाकर अगर देखा जाए तो सोशल मीडिया के कारण कहीं कोई गलत फेहमी नागरिको में उत्पन्न नहीं हो पाई क्योंकि सभी को समय से पूर्ण सही जानकारियां मिलती रही। चीन सही तरीके से विवाद सुलझा लेने के लिये भारत और पाकिस्तान के संपर्क में बताया जा रहा है तो संयुक्त राष्ट्र प्रमुख बान की मून के प्रवक्ता ने बातचीत के माध्यम से मतभेदों को सुलझाने की बात कहीं है। अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रवक्ता नेड प्राइस ने डोभाल को फोन किया और 18 सितंबर को उडी मुख्यालय पर किये गए हमले की निंदा की। जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कांफे्रेंस के अध्यक्ष डाॅक्टर फारूख अब्दुल्ला का कहना है कि जब भी तनाव होता है तो उसका दर्द सरहद पर रहने वालों को ही सहना पड़ता है। तथा जम्मू कश्मीर की मुख्यमंत्री  महबूबा मुफ्ती द्वारा सीमा पर बढ़ते तनाव पर चिंता जताई गई है तो बंगलादेश की पीएम शेख हसीना के सलाहकार इकबाल चैधरी का कहना है कि भारत अपनी धरती और प्रभू सत्ता पर हमला करने वालों के खिलाफ कानूनी और अंतराष्ट्रीय स्तर पर हर प्रकार की कार्रवाई कर सकता है। बंगलादेश ने यह कहकर अपना समर्थन दिया। तो विदेश सचिव जयशंकर ने 25 देशों को आॅपरेशन की जानकारी दी। तथा सर्जिकल स्ट्राइक का किसी भी देश ने विरोध नही किया। दूसरी ओर भारतीय फिल्म संगठन चलचित निर्माता संघ ने पाकिस्तानी अभिनेताओं पर प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव पारित किया उनके द्वारा। उडी हमले के विरोध में यह कदम उठाया गया। इंडिया इंक द्वारा भी सरकार का इस कार्रवाई के लिये उनका समर्थन किया गया है।  कुल मिलाकर कहने का मतलब सिर्फ इतना है कि 18 सितंबर और उससे पूर्व जो आतंकवादी हमले हुए और उनमे हमारे जवान और देशवासियों में से कुदछ शहीद हुए उसका आम जनता की निगाह में पीएम नरेंद्र मोदी ने सेना के अधिकारियों से विचार विमर्श कर सही समय पर यह कार्रवाई करने का एक अच्छा निर्णय लिया जिसका देश भर में हिंदू मुस्लिम सिख ईसाई भारत वाले हैं भाई भाई का नारा साकार करते हुए सभी के द्वारा पूर्ण स्वागत किया जा रहा है। देश और नागरिक खुश हैं तथा एक दूसरे को बधाई देने के साथ साथ खुशियां मना रहे हैं। और यह कहने में मैं कोई हर्ज नहीं समझता हूं कि पिछले कार्यकाल केंद्र सरकार के विभिन्न प्रकार के टैक्स बढ़ाने आदि जिन निर्णयों से मतदाता काफी निराश और हतास हुआ था और कहने लगा था कि केंद्र सरकार अपने वादों पर खरी नहीं उतरी। आज वो भी प्रधानमंत्री और केंद्र सरकार की खुलकर प्रशंसा इस निर्णय के लिये कर रहा है।
और इस निर्णय से केंद्र सरकार ने जनता के हर प्रकार के विरोध को पीछे करने के साथ साथ सभी विरोधी विचार धारा के नेताओं केा साथ खड़ा करने में भी सफलता प्राप्त कर पीएम नरेंद्र मोदी ने यह दिखा दिया है कि वो जमीन से जुड़े राजनेता है और हो सकता है कि कुछ गलतियां उनके सहयोगियों द्वारा लिये गए निणर््यों में रही हो मगर राष्ट्र की अखंडता प्रभुसत्ता एकता कायम रखने के मामलो में वो कहीं भी पीदे नहीं है। आॅल इंडिया न्यूज पेपर एसोसिएशन आईना सोशल मीडिया एसोसिएशन एसएमए राष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय समाजिक संगठन आरकेवी फाउंडेशन अखिल भारतीय विश्नोई मिलन आदि के सदस्यों ने भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस कदम की सराहना और सेना की कार्यवाही की प्रशंसा करते हुए उन्हे अपनी बधाई दी है। मेरा मानना है कि हमले के बाद हम सब खुश हैं। पटाखे छोड़कर व होली मनाकर अपनी प्रशंसा व्यक्त कर रहे हैं। हमे वर्तमान में देश की सभी सीमाओं पर चैकसी तय करने के साथ ही किसी तरह का आतंकवादी हमला व घटना का जवाब देने के लिये हर तरह से तैयार रहना चाहिये।

-रवि कुमार विश्नोई
सम्पादक – दैनिक केसर खुशबू टाईम्स
अध्यक्ष – आॅल इंडिया न्यूज पेपर्स एसोसिएशन
आईना, सोशल मीडिया एसोसिएशन (एसएमए)
MD – www.tazzakhabar.com

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