टीबी के मरीज को 17 रूपये रोज की सहायता? सरकार गरीब के साथ क्यो कर रही है मजाक

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दिल्ली 14 जनवरी :या तो कंेद्र सरकार मंे बैठे जनप्रतिनिधियों को गरीब और गरीबी और आवश्यकता पड़ने पर उसको होने वाली बीमारियों में चाहिए दवाईयों की कीमत का आभास नहीं है या वह एसी कमरों में बैठकर ज्यादातर नीतिया बनाने वाले नौकरशाहों के इशारे पर फैसले ले रहे है वरना टीबी के मरीज को पोषक आहार खरीदने के नाम पर 500 रूपये माह की सहायता देने की घोषणा करने के बजाये देश भर में स्थित सरकारी अस्पतालों के अलावा चल रहे प्राईवेट नर्सिंग होमों में जरूरतमंद गरीब व्यक्ति को उसकी आर्थिक स्थिति के आधार पर पूर्ण इलाज और दवाईयां उपलब्ध कराने की घोषणा करते और इसमें कुछ समाजसेवी संगठनों आदि की भी मदद ली जा सकती थी। क्योंकि वर्तमान समय में स्वार्थ और बेईमानी बढ़ रही है तो यह भी पक्का है कि लोग सेवा भाव और समाजसेवा तथा जरूरतमंदों की जरूरी आवश्कताआंे को पूर्ण कराने में भी पीछे नहीं है।
मगर पता नहीं यह किसकी सलाह रही कि केंद्र सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा टीवी उन्मूलन के लिए बनी राष्ट्रीय रणनीति योजना के तहत वर्ष 2025 तक तपेदिक उन्मूलन के रखे गये लक्ष्य के अनुसार 25 लाख मरीजों को सिर्फ 500 रूपये प्रतिमाह देने की योजना को घोषित नही करती।
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी आप तो जमीन से जुड़े राजनेता हैं और गरीब और उसकी मजबूरियों व आवश्यकताओं के बारे में अच्छी प्रकार से समझते हैं तो फिर स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा टीबी के मरीज गरीब आदमी के साथ सेवा के नाम पर इतना कूर मजाक करने की घोषणा क्यों की गयी। बड़े नेताओं और हुकमरानों की तो बात ही क्या छोटे से छोटा बच्चा भी जानता है कि 17 रूपये का तो एक सेब भी नहीं मिलता और दवाईयां तो इसकी अत्यंत महंगी होती है तथा इस बीमारी में अनेकों प्रकार के पोषक आहार की आवश्यकता टीबी के मरीज को ठीक होने के लिए होती है ऐसे में वह 17 रूपये रोज में कौन सा ईलाज और पोषक आहार खरीद कर खा सकता है यह किसी को बताने की आवश्यकता नहीं है।
मैं सरकार की मंशा पर तो उंगली नहीं उठा रहा हूं लेकिन यह कहने में कोई हर्ज महसूस नहीं करता हूं कि यह जो योजना बनाई गयी उस पर पूर्ण विचार नहीं किया गया वरना ग्रामीण कहावत नंगी क्या ओढ़ेगी क्या बिछाएगी के समान यह योजना शायद नहीं बनायी जाती।
पीएम साहब मेरा आग्रह है कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री और विभाग के बड़े अफसरानों को निर्देश दीजिए कि इस योजना में भले ही सरकार की सहायता इतनी ही रहे लेकिन जनसहयोग लेकर कुछ ऐसी नीति बनवाईये जिससे टीबी के मरीज आराम से ईलाज करा सकंे और जीवन परयंत अपने परिवार के साथ बने रहें। मैं समझता हूं कि आप तक किसी न किसी माध्यम से इस विषय मेें आवाज जरूरी पहुुंचेगी इसलिए उस पर केंद्र सरकार के सस्थ्य के मंत्रालय को विचार कर गरीब के हित की इस योजना को इस प्रकार साकार करना चाहिए जिससे जरूरतमंद का भला हो सके।

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