GOOGLE से जानकारी तो लेते हैं पर क्या GOOGLE के बारे में सब कुछ जानते हैं?

46
loading...

वर्तमान समय में अधिकतर लोग दिन में कम से कम एक बार तो गूगल अवश्य खोलते हैं। अगर गूगल कुछ देर के लिए भी बंद हो जाए तो पूरी दुनिया में हाहाकर मच जाए। पूरे विश्व के लोगों के बीच अपनी एक खास अहमियत रखने वाला तथा लोगों की दिनचर्या में इस्तेमाल होने वाले इस गूगल की बहुत सी बातों से लोग आज भी अनजान हैं। तो चलिए जानते हैं इस सर्च इंजन की कुछ अनोखी व दिलचस्प बातों के बारे में−

-गूगल पर हर सेंकड करीब 60000 सर्च किए जाते हैं, जबकि यह प्रतिसेंकड 50000 रूपए की कमाई करता है।

-गूगल व्यक्तियों के ऑनलाइन व्यवहार का विश्लेषण करता है और उन्हें ट्रैक भी करता है। इतना ही नहीं, गूगल अपने विज्ञापनकर्ताओं को व्यक्तियों द्वारा क्लिक किए विज्ञापनों की जानकारी भी प्रदान करता है।

इसे भी पढ़िए :  अब टीवी सीरियल में काम नहीं करना चाहती : शिल्पा शिंदे

-पहली बार गूगल डूडल में एक बर्निंग मैन स्टिक का चित्र इस्तेमाल किया गया था। इस डूडल का आईडिया गूगल के फाउंडर लैरी और सर्गे को नेवादा में बर्निंग मैन फेस्टिवल के दौरान आया था। उन्होंने इसे होमपेज पर इसलिए जोड़ा ताकि गूगल के उपयोगकर्ता डूडल को देखकर यह जान सकें कि वे ऑफिस में नहीं हैं और सर्वर क्रेश जैसी तकनीकी खराबी को वे उस समय ठीक नहीं कर पाएंगे।

इसे भी पढ़िए :  अपनी शरीर के इस बढ़े हुए हिस्से से परेशान है ये खूबसूरत लड़की, ऑनलाइन की ऐसी डिमांड सुनकर…

-गूगल की आमदनी का मुख्य स्त्रोत गूगल एडसेंस ही है।

-गूगल का एक प्रॉडक्ट यूट्यूब है, जो काफी लोकप्रिय है। गूगल के बाद इसी का नंबर आता है। इसे गूगल ने साल 2006 में खरीदा था। इसमें प्रतिमिनट करीब 60 घंटे तक के वीडियो अपलोड किए जाते हैं।

-गूगल जून 2000 में दुनिया का सबसे बड़ा सर्ज इंजन बन गया था।

-गूगल के चालीस से अधिक देशों में करीबन 70 से अधिक कार्यालय हैं।

-गूगल ने 12 सालों में करीबन 127 कंपनियां हासिल की हैं।

-गूगल के मुख्य पृष्ठ पर 88 भाषाओं का प्रयोग किया जा सकता है।

-गूगल भले ही टेक्नोलॉजी में अव्वल हो लेकिन वह स्वयं प्रकृति से जुड़कर रहता है। शायद यही कारण है कि वह अपने ऑफिस की घास काटने के लिए किसी तकनीक का सहारा नहीं लेता। बल्कि वह बकरियों को किराए पर लेता है।

इसे भी पढ़िए :  लोकसभा चुनाव : सहारनपुर सीट पर कांग्रेस खेलेगी बड़ा दांव

-यूएस में गूगल की कंपनी में काम करने वाले व्यक्तियों को डेथ बेनिफिट भी दिए जाते हैं। दरअसल, उनके मरने के अगले दशक तक उनके स्पाउस को प्रतिमाह उनकी सैलरी का 50 प्रतिशत दिया जाता है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

5 × four =