युवाओं में दक्षता की प्रवृत्ति बढ़ी : शोध

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लंदन । शरीर, दिमाग और कॅरियर सभी में दक्षता की इच्छा यानी परिपूर्णतावाद (परफेक्शनिज्म) का भाव कॉलेज जाने वाले आज के दौर के छात्रों में उल्लेखनीय ढंग से बढ़ा है। पिछली पीढ़ियों से तुलना करने पर यह बात सामने आई है। लेकिन दक्षता की इच्छा का उनके मानसिक स्वास्य पर नकारात्मक असर पड़ता है।

एक शोध में यह सामने आया है। ब्रिटेन में यूनिवर्सिटी ऑफ बाथ के थॉमस कुर्शन के मुताबिक दक्षता के संबंध में सामूहिक रूप से पीढ़ियों के अंतर का पता लगाने वाला यह अपनी किस्म का पहला शोध है। शोधकर्ताओं के मुताबिक दक्षता के साथ कुछ प्राप्त करने की एक विवेकहीन इच्छा जुड़ी होती है, साथ ही इसमें व्यक्ति खुद का और अन्य लोगों का जरूरत से ज्यादा आलोचक बन जाता है। इस शोध में दक्षता को लेकर 1980 से 2016 के दौर की पीढ़ियों में आए अंतर का परीक्षण करने के बहुआयामी दक्षता पैमाना बनाया गया।

इसका सामना करने वाले 41,641 अमेरिकी, कनाडाई और ब्रिटेन के कॉलेज छात्रों के आंकड़ों का विश्लेषण किया गया।यह शोध साइकोलॉजिकल बुलेटिन नाम के जर्नल में प्रकाशित हुआ। इसमें पाया गया कि कॉलेज के छात्रों की हाल की पीढ़ी में पहले की पीढ़ियों के मुकाबले हर किस्म का परिपूर्णतावाद बढ़ा है।

शोध बताता है कि सोशल मीडिया का इस्तेमाल करने वाले युवाओं पर दूसरों की तुलना में दक्ष दिखने का दबाव होता है। वह अपनी शारीरिक संरचना से असंतुष्ट होते हैं और सामाजिक रूप से अलग-थलग पड़ जाते हैं। युवा जिन अन्य क्षेत्रों में दक्षता दिखाते हैं उनमें पैसा कमाने की क्षमता, अच्छी शिक्षा पाने का दबाव और शानदार करियर बनाने का दबाव शामिल है।

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