हड़ताल पर डॉक्टर: देशभर के अधिक अस्पताल बंद, मरीज बेहाल

loading...

नई दिल्ली। नेशनल मेडिकल बिल बनाने के सरकार के नए प्रस्ताव के खिलाफ Indian medical association से जुड़े देश के 3 लाख से अधिक doctor आज हड़ताल पर हैं। सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक ये हड़ताल जारी रहेगी। इस हड़ताल का असर सुबह से ही दिखने लगा है। यूपी के तमाम जिलों में Uttarakhand, Bengal, Delhi, Noida, Kerala, Mumbai में भी अधिकतर अस्पतालों की ओपीडी बंद है और मरीज इलाज के बगैर वापस लौट रहे हैं। मरीजों को बहुत दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। एम्स के बाहर भी मरीजों की लंबी Line लगी है। डॉक्टर अस्पतालों के बाहर नारे लगा रहे हैं और केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध जता रहे हैं।

क्या है इस बिल में
पहले Private medical कॉलेजों में 15 फीसदी सीटों की फीस Management तय करती थी, लेकिन अब नए बिल के मुताबिक Management 60 फीसदी सीटों की फीसद तय कर पाएगा।
इस बिल में Alternative Medicine (होम्योपैथी, आयुर्वेद, यूनानी) की Practice करने वाले डॉक्टरों के लिए एक ब्रिज Course का प्रप्रोजल है। इसे करने के बाद वे Modern Medicine की practice भी कर सकेंगे। IMA के पूर्व President KK agarwal के मुताबिक, इस बिल में ऐसे प्रावधान हैं जिससे आयुष डॉक्टर्स को भी मॉडर्न मेडिसिन प्रैक्टिस करने की अनुमति मिल जाएगी। जबकि, इसके लिए कम-से-कम MBBS Qualification होनी चाहिए। इससे नीम-हकीमी करने वाले भी डॉक्टर बन जाएंगे।

Doctor और मरीजों के आंकड़ों में असमानता
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के अगस्त के आंकड़ों के मुताबिक 1.3 अरब लोगों की आबादी का इलाज करने के लिए भारत में लगभग 10 लाख Allopathic doctor हैं। इनमें से केवल 1.1 Lakh Doctor सार्वजनिक स्वास्थ्य क्षेत्र में काम करते हैं। डॉक्टर और मरीजों के इन आंकड़ों में असमानता है।
ग्रामीण क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवा के और भी खस्ता हाल हैं। कहीं डॉक्टर शिक्षित नहीं हैं तो कहीं इलाज आम लोगों की पहुंच से बहुत बाहर है। कहीं अस्पतालों के बदहाल तो कहीं इलाज में लापरवाही। दिन पर दिन दवाएं महंगी हो रही हैं।

इसे भी पढ़िए :  यह अब तक का सर्वश्रेष्ठ विश्व कप : फीफा अध्यक्ष

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के अगस्त के आंकड़ों के मुताबिक 1.3 अरब लोगों की आबादी का इलाज करने के लिए भारत में लगभग 10 लाख Allopathic doctor हैं। इनमें से केवल 1.1 Lakh Doctor सार्वजनिक स्वास्थ्य क्षेत्र में काम करते हैं। डॉक्टर और मरीजों के इन आंकड़ों में असमानता है।
ग्रामीण क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवा के और भी खस्ता हाल हैं। कहीं डॉक्टर शिक्षित नहीं हैं तो कहीं इलाज आम लोगों की पहुंच से बहुत बाहर है। कहीं अस्पतालों के बदहाल तो कहीं इलाज में लापरवाही। दिन पर दिन दवाएं महंगी हो रही हैं।

इसे भी पढ़िए :  कमाई के मामले में अक्षय कुमार ने दी सलमान खान को पटखनी, Forbes की लिस्‍ट से शाहरुख हुए बाहर

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

2 × one =