दिल्ली-एनसीआर में 2020 तक 1.50 लाख टन ई-कचरा पैदा होगा- एसोचैम की रिपोर्ट

loading...

नई दिल्ली:दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में वर्ष 2020 तक सालाना डेढ लाख टन इलेक्ट्रानिक कचरा पैदा होने लगेगा। वर्तमान में यह मात्रा 85 हजार टन सालाना तक है। उद्योग मंडल एसोचैम ने यह आकलन जारी किया है।उद्योग मंडल ने कहा है कि दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में ई-कचरा साल दर साल 25 प्रतिशत की दर से बढ़ रहा है। ई-कचरा में इस तेज रफ्तार से वृद्धि के लिए उद्योग मंडल ने संगठित क्षेत्र में इसका निम्न स्तर पर पुनर्चक्र ण, देश में बाहर से पुराने बेकार उपकरणों का तेजी से प्रवाह होना, इसके निपटान के बारे में कम जागरूकता और ई-कचरे के प्रबंधन को लेकर नगर निगम के स्तर पर विभिन्न निकायों के बीच समन्वय की कमी से यह स्थिति बनी है।

इसे भी पढ़िए :  IPL 2018: स्टेडियम के शोर-शराबे के बीच विराट कोहली ने लगाया अनुष्का शर्मा को फोन, Video Viral

एसोचैम का कहना है कि इस समय देश में कुल इलेक्ट्रानिक अपशिष्ट का 1.5 प्रतिशत से भी कम को फिर से इस्तेमाल में लाया जाता है। इसके पीछे सबसे बड़ी वजह है कि बेहतर सुविधाओं की कमी है, इसके लिए जरूरी कानूनी ढांचा और प्रारूप भी मौजूद नहीं है। वर्ष 2017 में देश में कुल मिलाकर 25 लाख टन ई-कचरा पैदा हुआ।

इसे भी पढ़िए :  गर्मी बढ़ने से पहले ही देश में भीषण सूखा, 153 जिलों में अभी से जल संकट

उद्योग मंडल ने कहा है कि ई-कचरे में कई तरह के हानिकारक तत्व मौजूद होते हैं। इलेक्ट्रानिक उत्पादों के कचरे में सीसा, कैडमियम, मर्करी, हैक्सावेलेंट क्रोमियम, प्लास्टिक, पीवीसी, बीएफआर, बेरियम और कार्बन ब्लैक और भारी धातु जैसे कई हानिकारिक तत्व निकलते हैं। इनका कचरे में काम करने वाले लोगों के स्वास्य पर बुरा असर पड़ सकता है।

एसोचैम की विज्ञप्ति के अनुसार, भारत में आयात होने वाले कुल ई-कचरे में सबसे ज्यादा 42 प्रतिशत हिस्सा अमेरिका से होता है। इसके बाद 30 प्रतिशत ऐसा आयात चीन से होता है, उसके बाद 18 प्रतिशत यूरोप और शेष 10 प्रतिशत हिस्सा ताइवान, दक्षिण कोरिया, जापान आदि देशों से आयात किया जाता है।इलेक्ट्रानिक कचरे में सबसे ज्यादा 68 प्रतिशत हिस्सा कंप्यूटर उपकरणों का होता है। इसके बाद 12 प्रतिशत दूरसंचार उपकरण शामिल हैं।

इसे भी पढ़िए :  नकदी संकट से शादी वाले घरों का बुरा हाल, चेक से निभायी जा रहीं रस्में

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

one × 1 =