जयंती पर विशेष : हम क्यों भूल गए है महाकवि निराला को, बदहली में जी रहा है परिवार ..

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बसंत पंचमी व निराला जी की जयंती पर सभी को शुभकमनाये,परिवार टूटें कच्चें मकान में रहनें को है मजबूर ,आओ उनके पैतृक आवास को स्मरक बनवानें का करें प्रयास।

आज पूरे देश में बसंत पचंमी का त्यौहार अपूर्ण उत्साह और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है।इस दिन का कई रूपों में हमारे जीवन में बड़ा महत्व है।खुशहाली के प्रतीक इस मौके पर घरों में पूजा पाठ होती है। तो नागरिक पीली व रगं बिरंगी पतगें उड़ाकर खुशिया मनातें महिलाए घरों में स्वदिष्ट पीलें चावल ताहरी बनाती हैं तों आज के दिन विवाह शादियों की धूम भी रहती है।और सबसें बड़ी बात यह है। कि इस दिन विद्या की देवी मां सरस्वती की पूजा बड़े ही श्रद्धा भाव से की जाती हैं इस अवसर पर सब भगवान से प्रार्थना करतें है। कि सबको सद््बुद्धि दे और सबके जीवन में खुशहाली बनी रहें।
ये कितना अच्छा इतफाक हैं कि आज के दिन ही महाकवि निराला जी की जयंती भी मनातें हैं,निराला जी के बारें में हर वों व्यक्ति थोड़ा सा भी ज्ञान रखता हो चाहें वो किताबी हो या समाजिक वो उनके और उनके द्वारा रचित साहित्य तथा कविता पाठ को नमन करनें से नहीं चूकता उनका प्रयास होता है कि महाकवि की रचनाएं कम या ज्यादा पढ़ जाए।ज्ञान बान व साहित्य कविता प्रेमियो के साथ ही मेरे जैसें कम बुद्धि और अनपढ़ व्यक्ति ही साल भर में कई बार उनका स्मरण यह कहकर जरूर करतें है कि तू मुझे पत कहें में तुझें निराला अपना चलता रहेगा गड़बड़ डाला।

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भलें ही ये पक्तियँा मेंरे जैसे जाहिलों के द्वरा आपने स्वार्थ या आपनें गलत कामों को सही ठहरतें हुए महिमामंडन करने के लिए कहें जातें हो इससें यह तों पता चलता ही है कि निराला जी के लिए प्रेरणा स्त्रोत थें। हमारा कितना बड़ा दुर्भाग्य है कि एक तरफ सभी जगह कविता पाठ व गजल व साहित्य का स्मरण इसलिए किया जाता है कि हम अपनी भारतीय संस्कृति को याद रखंे और हमारी भावी पीढ़ी उससे प्रेरणा ले सके।लकिन एक ग्रामीण कहावत ‘अजब तेरी दुनिया अजब तेरा खेल छचुनदर के सिर पर चमेली का तेल’ के समान यह और ज्यादातर अयोग्य व्यक्ति तो महिमामंडन हो रहें है। जो सही माइनें में पात्र है उनकी हर मौके पर अवहेलना सी होती लग रही है।

कुछ दशक पूर्व फिल्म अभिनेता दिलीप कुमार की फिल्म गोपी आई थी। जिसमें एक गाना था ‘राम चन्द्र कहें गए सिया से ऐसा कलयुग आएगा हंस चुगेंगा दाना तीनका कुँआ मोती खाएंगा’ गाने के ये बोल वैसें तो वर्तमान में मेरे ऊपर सही उतरतें हैं मगर मुझें लगता है कि हमारी सरकार भी पात्र व्यक्ति को सम्मान व पुरूस्कार तथा उनकी रचनाए सगहरित करनें व उनके जन्म स्थानों को स्मारक बनानें काफी प्रतिशत आपात्र को जोड़ तोड़ कर जी हजुरी तथा चाटुकारिता में ही लगंें रहतें हैं को सम्मान व सुविधा देने मे लगे है।वरना ऐसा नही होता कीें अब तक निराला जी की यादों करें जींवत रखनें के लिए उनके पैतृक आवास को सरंक्षित किया जा चुका होता और राष्ट्र के लिए पूरें जीवन सर्मिर्पत रहें निराला जी के परिवार को इस प्रकार के दुरदिन नही देखनें पड़तें.हमारी सरकारें तमाम पुरूस्कार शुरू कर उनके साथ लाखों करोड़ रूपयें बांट रही है।कम कपड़ें पहन नाचनें वालियों को हम पुरूस्कार देकर मालामाल कर रहें लेकिन महाकवि के प्रपौत्र लक्ष्मी नारायण की बहु रेखा देवी 40 वर्ष कच्चें मकान में रहनें को मजबूर है।

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मेरा सरकार के साथ- साथ कवियों ,गजल गायकों, सहित्यकारों, समाजसेवियों व दानदातों से आग्रह है कि सब मिलकर निराला जी के परिवार की बदहाल स्थिति में सुधार और उनके पैतृक गाव उन्नाव के गढ़ाकोला सरक्षित कर उसे स्मरक रूप देने में अपनी महत्वपूर्ण योग्यता निभाए एंव योगदान दे। छायावादी युग के महाकवि पं.सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ की आज मगर वसंत पंचमी पर जयंती है। उनके पैतृक घर ग्राम गढ़ाकोला स्थित निराला पार्क में जयंती समारोह का आयोजन हो रहा है। गत रविवार को उनके प्रपौत्र लक्ष्मी नारायण की बहू रेखा देवी (40) निराला पार्क से जुड़े कच्चे घर की सफाई कर रही थीं। तभी अचानक जर्जर घर की दीवार गिर गई, जिसके मलबे के नीचे वह दब गईं। सहयोग कर रहे दोनों बच्चे शुभम व उसकी बहन भी मलबे की चपेट में आकर घायल हो गए। बच्चों की चीख पुकार सुनकर गांव वाले दौड़े। मलबा हटाकर रेखा को बाहर निकाला गया। और ग्रामीण उन्हें एंबुलेंस से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए। हालत गंभीर होने के कारण वहां से उनको जिला अस्पताल उन्नाव रेफर कर दिया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। निराला जी की जयंती के एक दिन पहले हुई यह घटना महाकवि की सरकार द्वारा की गई उपेक्षा का आइना दिखा रही है। निराला जी की यादों को जीवंत रखने के लिए उनके पैतृक आवास को अभी तक संरक्षित नहीं कराया जा सका है।

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– रवि कुमार विश्नोई
राष्ट्रीय अध्यक्ष – आॅल इंडिया न्यूज पेपर्स एसोसिएशन आईना
सम्पादक – दैनिक केसर खुशबू टाईम्स
MD – www.tazzakhabar.com

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