बार काउन्सिल आफ इंडिया ने वकालत कर रहे जनप्रतिनिधियों को बीसीआई का नोटिस

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नई दिल्ली। भारतीय बार परिषद (बीसीआई) ने उन सभी निर्वाचित प्रतिनिधियों को नोटिस जारी किया जिन्होंने अधिवक्ता के तौर पर वकालत करना जारी रखा है। बीसीआई ने ऐसे सांसदों और विधायकों को वकालत करने से रोकने की मांग वाली याचिका पर उनसे जवाब मांगा है। कपिल सिब्बल, पी चिदंबरम, के टी एस तुलसी, अभिषेक मनु सिंघवी, कल्याण बनर्जी और मीनाक्षी लेखी सहित अन्य विधिनिर्माताओं से भाजपा की दिल्ली इकाई के प्रवक्ता अश्विनी कुमार उपाध्याय की याचिका पर जवाब देने के लिए कहा गया है।

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याचिका में आरोप है कि ये जनप्रतिनिधि उस समय भी अधिवक्ता के तौर पर पेश होते हैं जब संसद या विधानसभाओं का सत्र चल रहा होता है।और वे देश के विाीय हितों तथा उनके जीवनसाथी, बच्चों, रिश्तेदारों, सहयोगियों, संगठनों के विाीय हितों को प्रभावित करने वाले मामलों में भाग लेते हैं।

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इसमें कहा गया कि कार्यपालिका और न्यायपालिका के सदस्यों को अधिवक्ता के रूप में वकालत करने की अनुमति नहीं है लेकिन निर्वाचित प्रतिनिधियों, जो कि लोक सेवक भी हैं, को अनुमति है। उन्होंने दावा किया कि यह संविधान की भावना के विपरीत है।

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