झुग्गी में रहने वाला लड़का बना Scientist, अब इसरो में करेगा काम

178
loading...

नई दिल्ली। कहते हैं यदि कोई बात मन में ठान लो तो बड़ी से बड़ी मुश्किल को पार कर आप success हो सकते हैं. ऐसा ही कुछ कर दिखाया है Mumbai की झुग्गी बस्ती फ़िल्टरपाड़ा में रहने वाले Prathamesh Hirve ने. वे कड़ी मेहनत की बदौलत भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) की परीक्षा पास करने में सफल हुए हैं.

अब प्रथमेश ISRO में वैज्ञानिक के तौर पर काम करेंगे. 10x 10 के घर में अपने माता-पिता के साथ रहने वाले प्रथमेश ने यह परीक्षा कठिन परिस्थितियों ने Pass की. दरअसल, 10 वीं तक मराठी में पढ़ाई करने के कारण उन्हें आगे की पढ़ाई करते समय Language की दिक्कत होती थी.

इसे भी पढ़िए :  OMG! इस महिला ने भूत से की शादी, 300 साल पहले दी गई थी फांसी की सजा

प्रथमेश बचपन से engineer बनना चाहते थे. इसीलिए उन्होंने 2007 में भागुभाई मफतलाल Polytechnic college में Electrical engineering में admission लिया. जहां उन्हें Language की दिक्कत फिर आड़े आ गई. इसके बावजूद उन्होंने यहां Diploma हासिल किया और आखिरकार उन्हें एल एंड टी कंपनी में intership मिली.

इसे भी पढ़िए :  मेरठ : पटेल मंडप की छत पर ईंट से पीटकर युवक का कत्ल

यहां उन्हें offer के लोगों ने आगे पढ़ाई करने की सलाह दी. फिर Internship छोड़ प्रथमेश ने नौकरी करने के बजाय नवी मुंबई के इंदिरा गांधी कॉलेज में बीटेक करने के लिए एडमिशन लिया और 2014 में उनकी बीटेक की पढ़ाई पूरी हो गई.

फिर नौकरी करने के बजाय प्रथमेश ने UPSC की परीक्षा दी, लेकिन सफल नहीं हो पाए. बाद में उन्होंने इसरो में जाने का मन बनाया और परीक्षा दी. यहां उनका 16 हजार Candidates में से चयन हुआ. अब प्रथमेश को चंडीगढ़ में posting मिलेगी और यहां वे research भी करेंगे.

इसे भी पढ़िए :  ICC Awards : विराट को मिली दोहरी खुशखबरी, बने क्रिकेटर अॉफ द ईयर और नंबर 1 कप्तान

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

20 − 6 =