2G केसः ऐतिहासिक फैसला सुनाने वाले ओपी सैनी का सब-इंस्पेक्टर से जज बनने तक का सफर

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नई दिल्लीः यूपी सरकार के दौरान बांटे गए 2G Spectrum license के मामले में गुरुवार (21 फरवरी) को करीब 7 साल बाद सीबीआई की Special Court ने अपना फैसला सुनाया और सभी आरोपियों को बरी कर दिया. 1.76 लाख करोड़ रुपये के 2G Spectrum कथित घोटाले में CBI की विशेष कोर्ट ने कहा कि Public Prosecutor आरोप साबित करने में आरोप नाकाम रहे. कोर्ट ने यह भी कहा कि CBI आरोप साबित करने में नाकाम रही. गौरतलब है कि इस मामले में डीएमके नेता और तत्कालीन संचार मंत्री ए राजा, डीएमके सांसद कनिमोझी समेत 17 आरोपी थे. इस केस को देश के इतिहास में सबसे बड़ा Financial Scandal माना जा रहा था.

कथित 2G घोटाले के ट्रायल के दौरान Special Judge ओम प्रकाश सैनी ने इस केस में अपना संयम बनाए रखने के लिए वकीलों और बाकी लोगों की तारीफ हासिल की. इस केस में Unitech के MD संजय चंद्र के वकीलों में से एक एडवोकेट सुशील कुमार बजाज ने सैनी की तारीफ की और कहा, जज साहब को इस मामले की सच्चाई का भीतर तक पता था, उन्होंने मुश्किल घड़ी में भी संयम बरता और अपने डर पर काबू रखा. एक अन्य वकील ने सैनी के लिए, ‘वह एक ‘Tough judge’ जिन्होंने इस मामले की कई परतों का माना’

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CBI की Special Court के जज ओपी सैनी ने अपने फैसले में लिखा, ‘मैं यह भी जोड़ना चाहूंगा कि पिछले 7 साल से सभी कामकाजी दिनों (गर्मी की छुट्टियां समेत) को मैं सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक ओपन कोर्ट में बैठा और इसका इंतजार किया कि कोई कानूनी तौर पर मान्य प्रमाण पेश करेगा, लेकिन यह कोशिश बेकार गई. यह इसका संकेत है कि हर कोई धारणाओं से चल रहा था, जो अफवाह, बतकही और अटकलों से बनी थीं. हालांकि, लोगों की धारणाओं के लिए न्यायिक कार्यवाही में कोई जगह नहीं है.’

Case पर नहीं पड़ने दिया प्रभाव
दिल्ली के Patiala House Complex के स्पेशल कोर्ट में मौजूद कानूनी जानकारों ने बताया कि जज ने किसी भी अभियुक्त या गवाह का असर अपने केस पर नहीं होने दिया, चाहे वह बड़े नेता हों, Corporate Boss या सरकार के Top law officer तत्कालीन Attorney General GE Vahanvati. एक बार उन्होंने तेज आवाज में दलील पेश कर रहे वकीलों से कहा था, ‘जोर-जोर से बोलने की कोई जरूरत नहीं है, मैं आपको सुन रहा हूं.’ 2जी घोटाले से पहले जज ओपी सैनी ने कॉमनवेल्थ गेम्स से जुड़े केसों की सुनवाई की थी.

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जज बनने से पहले दिल्ली पुलिस में सब-इंस्पेक्टर थे जज साहब
आपको बता दें कि दिल्ली की कोर्ट में जज बनने पहले ओपी सैनी ने अपना करियर दिल्ली पुलिस में सब-इंस्पेक्टर के तौर पर शुरू किया था. मूल रूप से वह हरियाणा के रहने वाले हैं. साल 1980 में दिल्ली जूडिशल सर्विस के लिए चुने गए. सैनी ने अपने कार्यकाल के दौरान लाल किला हमला जैसा अहम केस में भी निर्णय दिया था. इस केस में आरोपी को मौत की सजा सुनाई गई थी. जानकारों की मानें तो ओपी सैनी के रिटायरमेंट में तीन साल बाकि है. वरिष्ठता के आधार पर ओपी सैनी डिस्ट्रिक जज बनने की भी पात्रता रखते है.अपने कार्यकाल के दौरान जज ओपी सैनी ज्यादातर उन मामलों को लिया, जिन्हें बाकी जज लेने से मना कर देते थे. जाहिर तौर पर वह इस केस के लिए पसंद बने.

बता दें कि 1.76 लाख करोड़ रुपये के 2G Spectrum घोटाले के छह साल बाद CBI की विशेष कोर्ट ने गुरुवार (21 दिंसबर) को सभी आरोपियों को बरी कर दिया. कोर्ट ने कहा कि सरकारी वकील आरोप साबित करने में आरोप रहे. इस मामले में डीएमके नेता ए राजा, डीएमके सांसद कनिमोझी समेत 17 आरोपी थे. कोर्ट के फैसले के बाद बचाव पक्ष के वकील हरिहरन ने कहा कि सारा मामला धारणा पर आधारित था. Court ने पाया कि इस संबंध में कोई भी सबूत पेश नहीं किया जा सका. लिहाजा सभी आरोपियों को बरी किया जाता है. कोर्ट में इस फैसले से पहले लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई और फैसले के बाद उनके समर्थकों ने जश्‍न मनाना शुरू कर दिया.

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ये घोटाला यूपीए सरकार के दौरान हुआ था. CBI के विशेष जज ओपी सैनी द्वारा 2G घोटाले में CBI और ईडी द्वारा दर्ज अलग-अलग मामलों में फैसला सुनाया. 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले में सुनवाई छह साल पहले 2011 में शुरू हुई थी जब अदालत ने 17 आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए थे.

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