खेल-खेल में बढ़ाएं बच्चों की नॉलेज

73
loading...

नई दिल्ली। हर कोई मां-बाप अपने बच्चे के बड़ा आदमी बनाना चाहता है। इसके लिए बच्चे को बचपन से ही अच्छी शिक्षा देना जरूरी है। इसके लिए अभिभावक हमेशा ऐसी चीजों की तलाश में रहते हैं जिससे बच्चे की नॉलेज बढ़े। इसके लिए रेडचिंप्ज ने बच्चों को जिज्ञासु बनाए रखने और स्वयं सीखने के उसके कौशल को प्रोत्साहित करने के लिए एक अनोखा प्रोडक्टड 5डी+कार्डज पेश किया है। इसके जरिए बच्चे 3डी आकृतियों और बोलने वाले गेम्स की मदद से एनिमल किंगडम या कीड़े और पक्षियों की रहस्यकमयी दुनिया की आभासी सैर कर सकते हैं। बच्चों को कुशाग्र बनाने के लिए इस तरह के उत्पाद काफी उपयोगी साबित हो रहे हैं।

क्या है उपाय
आजकल बाजार में ऐसे कई ऐप हैं जो बच्चों के ज्ञान में काफी हद तक इजाफा करते हैं। इनमें 5डी+ कार्डस एक अच्छा विकल्प साबित हो रहा है। यह प्रोडक्ट खासकर आपस में मेल-जोल के लिए तैयोर किया गया है। यहां अभिभावक और बच्चे एक साथ मिलकर मजे ले सकते हैं। पैक में मौजूद प्रत्येक फ्लैशकार्ड में दिलचस्प तयों के साथ एक चित्र संकेत दिया होता है जो आपके बच्चे की स्मरण शक्ति और दोबारा याद करने की क्षमताओं को तेजी से बढ़ाता है। अभिभावक आगे की तलाश और थीम आधारित गतिविधियों के लिए इन कार्ड का उपयोग एक शुरु आत के रूप में कर सकते हैं। ये कार्ड एक फ्री ऐप के साथ आते हैं जिन्हें किसी भी स्मार्टफोन या टैबलेट पर आसानी से प्रयोग किया जा सकता है।

इसे भी पढ़िए :  इस लड़की ने सूट पहन किया पंजाबी गाने पर डांस, VIDEO VIRAL

क्या हैं खूबियां
बच्चों के लिए 5डी+ कार्डज मनोरंजन और शिक्षा का एक शानदार मेल है। यह इंटरेक्टिव गेम्सह के माध्यम से घंटों तक मनोरंजन और दिमागी कसरत उपलब्धक करता है। एआर और वीआर अधिक आसानी से नए कॉन्से प्टम सीखने में मदद करते हैं और फ्लैशकार्ड का उपयोग ‘‘‘‘एक्टिव रिकॉल’’ को बढ़ाता है। आप बातों को कितनी अच्छी तरह जानते हैं या किस विषय पर अधिक ध्यान देने की जरूरत है, चूंकि इन कार्ड को इसी आधार पर समूहों में अलग किया जा सकता है, ऐसे में यह याददाश्त को और भी बेहतर बनाने का वैज्ञानिक रूप से सबसे बेहतर तरीका है।

इसे भी पढ़िए :  बाहुबली प्रभास के साथ रोमांस करने को तैयार हैं दीपिका पादुकोण

किसके लिए उपयोगी
परिवार के जीवन स्तर में सुधार के लिए आजकल बड़ी संख्या में माताएं जॉब कर रही हैं। इस वजह से उन्हें प्राय: अपने छोटे बच्चों (3 से 9 वर्ष की आयु) को डे केयर सेंटर या आया की देखरेख में छोड़ना पड़ता है। इससे बच्चे के मानिसक विकास में कुछ समस्याएं आ सकती हैं क्योंकि अधिकांश देखभाल करने वाले उनके शैक्षिक विकास में मदद करने के योग्य नहीं होते। कंपनी का दावा है कि 5डी+ प्रोडक्ट का उद्देश्य इसी अंतर को पाटना है। साथ ही माता-पिता को यह भरोसा दिलाना है कि उनका बच्चा उम्र के मुताबिक नई बातों को सीख रहा है।

इसे भी पढ़िए :  नई फिल्म के लिए सलमान खान ने 32 साल घटाई उम्र, लगेंगे बिल्कुल लवर ब्वॉय

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

four × four =