शहनाज हुसैन ने किया खुबसूरती को लेकर बड़ा खुलासा !

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नई दिल्ली। वातावरण में Poisonous smoke, धुंध तथा Chemical pollution जहां सांस, फेफड़ों तथा दिल की बीमारियों का मुख्य कारण माना जाता है वहीं दूसरी ओर वातावरण में फैले प्रदूषण की वजह से हवा में नमी की कमी हो जाती है। इससे Skin dry होनी शुरू हो जाती है, जिससे त्वचा में Boils, pimples, rashes, black stains, spots, Wrinkles आनी शुरू हो जाती हैं और आप Unattractive दिखने शुरू हो जाते हैं, जिससे बुढ़ापा समय से पहले दस्तक देना शुरू कर देता है।
Beauty Specialist शहनाज हुसैन के अनुसार, शरीर के बाकी हिस्सों की बजाय त्वचा पर Air Pollution का सबसे ज्यादा प्रभाव पड़ता है। Air Pollution सबसे पहले Skin के बाहरी स्तर पर प्रहार करता है, जिससे Skin पर प्रदूषण के विषैले तत्व जम जाते हैं, Skin में खुजली तथा एलर्जी पैदा हो जाती है। प्रदूषण का Skin पर तत्कालीन तथा दीर्घकालीन दोनों प्रकार के प्रभाव होते हैं। उन्होंने कहा, पटाखों, औद्योगिक ईकाइयों के रासायनिक प्रदूषण से वातावरण में Oxygen की मात्रा में कमी आती है, जिससे त्वचा का लचीलापन खत्म हो जाता है तथा Allergy, baldness तथा अन्य Skin Disease उभर आते हैं। इससे आप समय से पहले ही बूढ़े तथा थके हुए दिखना शुरू हो जाते हैं। शहनाज ने कहा कि शहरी क्षेत्रों में रहने वाले विशेषकर महिलाओं को प्रदूषण के प्रभाव से बचने के उपाय करने चाहिए। प्रदूषण की वजह से त्वचा पर जमे मैल, गंदगी तथा प्रदूषक तत्वों की त्वचा से नियमित सफाई अत्यंत महत्वपूर्ण है। शुष्क त्वचा के मामले में क्लींजिंग क्रीम या जैल का प्रयोग कीजिए। तैलीय त्वचा के मामले में क्लीजिंग मिल्क या Fash wash का उपयोग कीजिए। तैलीय त्वचा में क्लीजिंग के बाद फेशियल स्क्रब का प्रयोग कीजिए। उन्होंने कहा कि क्लींजर खरीदते समय Chandan, Neem, Tulsi, Aloe Vera, Eucalyptus, Podina जैसे तत्वों से विद्यमान क्लींजर खरीदने को प्राथमिकता दें। इन क्लीजरों में जहरीले तत्वों से लड़ने की प्रतिरोधक क्षमता की वजह से त्वचा की मैल तथा गंदगी को साफ करने तथा फोड़े फुंसियों के उपचार में मदद मिलती है।

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