रेलवे समयसारिणी के प्रकाशन पर चुनाव आयोग ने लगायी रोक

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चुनाव आयोग ने रेल मंत्रालय को गुजरात और हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव के मद्देनजर दोनों राज्यों के लिये नयी रेलगाड़ियां शुरू करने और रेलवे की प्रकाशित होने वाली संशोधित समय सारिणी का प्रचार करने की अनुमति नहीं दी है। रेल मंत्रालय को चुनाव आयोग द्वारा पिछले सप्ताह भेजे गये पत्र में एक नवंबर से प्रभावी होने वाली नयी समय सारिणी ‘‘ट्रेन्स एट ए ग्लांस’’ का प्रकाशन करने की तो अनुमित दी गयी है लेकिन इसका किसी भी माध्यम से प्रचार करने से मना किया है।

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रेल मंत्रालय के सूत्रों की मानें तो लंबी दूरी की तमाम रेलगाड़यों का यात्रा समय कम करने के लिये इनकी गति में इजाफा किये जाने के कारण लगभग 700 रेलगाड़ियों के आगमन और प्रस्थान समय में बदलाव हुआ है। इसके अलावा कई एक्सप्रेस रेलगाड़ियों को सुपरफास्ट का दर्जा दिये जाने के कारण ट्रेन नंबर में बदलाव भी हुआ है। रेलगाड़ियों के समय और संख्या में बदलाव को एक नवंबर से लागू करने से पहले मंत्रालय ने आयोग से नयी समय सारिणी के प्रचार प्रसार की अनुमति मांगी थी। मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि आयोग से इसकी अनुमित नहीं मिलने के कारण रेल मंत्रालय अब संशोधित समय सारिणी का प्रचार प्रसार नहीं कर सकेगा।

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आयोग के पत्र में मंत्रालय को चुनाव वाले दोनों राज्यों के लिये नयी रेलगाड़ियां शुरू नहीं करने की स्पष्ट ताकीद की गई है। आयोग ने चुनाव आचार संहिता लागू रहने तक इन राज्यों के लिये नयी रेलगाड़ियों का औपचारिक उद्घाटन करने से बचने को कहा है।

उल्लेखनीय है कि हिमाचल प्रदेश में नौ नवंबर को और गुजरात में दो चरण में 14 और 20 दिसंबर को मतदान होगा। आयोग ने पत्र में मंत्रालय को कहा है कि संशोधित समय सारिणी का प्रचार प्रसार नहीं होने के कारण अगर यात्रियों को परेशानी होती है तो मंत्रालय आयोग से इस मामले में उसके निर्देश पर पुनर्विचार करने के लिये अनुरोध करने के लिये स्वतंत्र है।

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