10 हजार चिकित्सकों का राजस्थान में सामूहिक इस्तीफा

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जयपुर : राजस्थान में करीब तीन माह से अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे 10 हजार सरकारी डॉक्टर अब सोमवार से हड़ताल पर चले गए। प्रदेश के चिकित्सा मंत्री और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समझौता वार्ता विफल होने के बाद चिकित्सकों ने सोमवार को सामूहिक रूप से इस्तीफे देने की घोषणा की है। रेजीडेंट डॉक्टरों ने भी आंदोलन का समर्थन किया है। सामूहिक इस्तीफे के बाद प्रदेश की चिकित्सा व्यवस्था गड़बड़ा सकती है।

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राज्य के सभी स्तरों के सरकरी अस्पतालों में करीब एक लाख मरीज रोजाना इलाज के लिए पहुंचते है। वहीं काफी संख्या में मरीज भर्ती है। चिकित्सकों ने अपने मोबाइल फोन भी बंद कर लिए हैं। चिकित्सा मंत्री कालीचरण सराफ ने बताया कि हड़ताली चिकत्सकों से सख्ती से निपटा जाएगा। चिकत्सक वार्ता के बजाय आंदोलन पर अड़े हुए हैं।

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सरकार ने प्राइवेट अस्पतालों की मदद से चिकित्सा व्यवस्था सुचारु रखने की वैकल्पिक व्यवस्था की है। इधर, समय पर उपचार न होने से सोमवार को हड़ताल के पहले दिन ही एक नवजात बच्चे सहित दो की मौत हो गई। जानकारी के अनुसार, सिरोही के आबू रोड स्थित सरकारी अस्पताल में प्रसूता ने एक बच्चे को जन्म दिया, जिसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई।

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