महाराष्ट्र: जहरीले कीटनाशक ने ली 18 किसानों की जान, 800 से ज्यादा अस्पताल में भर्ती

loading...

महाराष्ट्र: महाराष्ट्र के यवतमाल जिले में कीटनाशक के कारण किसानों की जान पर खतरा मंडरा रहा है. अब तक जहरीले कीटनाशक की चपेट में आकर 18 किसानों की मौत हो चुकी हैं. वहीं करीब 800 अस्पताल में भर्ती हैं. मामला सामने आने के बाद सीएम देवेंद्र फडणवीस ने मृतकों के परिवार को दो-दो लाख रुपये मुआवजे का ऐलान किया है. किसानों की कीटनाशक के कारण हुई मौत के संबंध में जांच के आदेश भी दे दिए गए हैं. साथ ही कृषि सेवा केंद्रों को भी कीटनाशक के साथ इसके छिड़काव से संबंधित जरूरी निर्देश व सुरक्षा किट उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए गए हैं. बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर बैंच ने मामले में नोटिस जारी कर दिया है.

इसे भी पढ़िए :  BB 12: अनूप जलोटा कर चुके हैं तीन शादियां , पहली पत्नी थी स्टूडेंट

एक मृतक किसान की पत्नी ने निजी वेबसाइट से बात करते हुए बताया कि उसके पति ने इसी साल खेतों में कीटनाशक स्प्रे करने का काम शुरू किया था. कुछ दिनों बाद ही किसान की तबियत बिगड़ गई और उसे पास के अस्पताल ले जाया गया, जहां से उसे सरकारी हॉस्पिटल रेफर किया गया. वहां इलाज के बावजूद उसकी मौत हो गई. महिला ने कहा कि उसे अभी तक ये समझ नहीं आ रहा है कि मामूली तबीयत खराब होने पर भला उसके पति की जान कैसे जा सकती है.

इसे भी पढ़िए :  खबर काम की: तो अब आप बदल पायेंगे 200 और 2000 के कटे फटे नोट

बताया जा रहा है कि ऐसे किसान जिनका खुद खेत नहीं है वो ज्यादातर दूसरे खेत मालिकों के लिए कीटनाशक स्प्रे करने का काम कर रहे हैं. ऐसा इसलिए क्योंकि इसके लिए उन्हें दिन के 350 रुपये मिलते हैं, जबकि अन्य काम करने पर उन्हें करीब 200 रुपये ही मिल पाते हैं.

संबंधित क्षेत्र में कपास की खेती ज्यादा की जा रही है, जिसमें कीड़े लगने का डर ज्यादा होता है. ऐसे में उस पर लगातार कीटनाशक का छिड़काव करना पड़ता है. जानकारों की मानें तो इस मौसम में किसानों को मजबूरन प्रोफेनोफॉस जैसे जहरीले कीटनाशक का छिड़काव करना पड़ा, क्योंकि ऐसा नहीं करने पर पूरी फसल को कीड़े बर्बाद कर देते. वहीं ज्यादा गर्मी के कारण कीटनाशक का हवा में उड़ना भी किसानों के लिए जानलेवा साबित हुआ. खेतों में लगी फसल करीब 5 फीट लंबी हो गई है, ऐसे में उस पर जब कीटनाशक का छिड़काव किया जाता है तो वो सीधे चेहरे के संपर्क में आता है. छिड़काव करने वाले ज्यादातर लोगों के पास मास्क आदि नहीं है, जिससे उनकी सांस में ये जानलेवा केमिकल चला जाता है.

इसे भी पढ़िए :  क्षेत्राधिकारी को अब अपने ही सर्किल में सरकारी आवासों में रहना होगा

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

18 − sixteen =